पंजाब के इन गांवों में भीषण ओलावृष्टि, चारों ओर बर्फ की चादर, लोगों ने कहा पहली बार देखा

पंजाब के संगरूर के मालेरकोटला क्षेत्र में भारी ओलावृष्टि ने किसानों की फसलें तबाह कर दी हैं। खेतों और कई गांवों की गलियों में बर्फ जम गई। खेत और गांव की गलियों का दृश्य किसी हिल स्टेशन से कम नजर नहीं आ रहा था। लोगों ने गलियों से बर्फ हटाकर आने जाने के लिए रास्ता बनाया। ओलावृष्टि ने ब्लॉक मालेरकोटला और शेरपुर के गांव माणकी, दुलमां, संदौड़, बापला, पंजगराइयां और मिठेवाल के अलावा अन्य गांवों में हजारों एकड़ में लगी गेहूं, चारा, आलू, गोभी, सरसों और विभिन्न सब्जियों की पनीरी को बर्बाद कर दिया।

आलम यह है कि खेत में लगी फसलें बर्फ की परत के तले दब गई। धूरी के कृषि अधिकारी जसविंदर सिंह ग्रेवाल, हरविंदर सिंह और पटवारी भुपिंदर सिंह ने खराब फसलों का जायजा लेते हुए कहा कि ओलावृष्टि के कारण करीब 1650 एकड़ में लगी फसलें बर्बाद हो गई हैं।

किसान सुखजिंदर सिंह पंजगराइयां, कुलदीप सिंह दिओल, अमनदीप सिंह ने कहा कि इससे पहले कभी उन्होंने इतनी ज्यादा ओलावृष्टि अपनी जिंदगी में नहीं देखी। इस ओलावृष्टि ने किसानों की फसलें पूरी तरह से तबाह कर दी हैं। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि उनकी फसलों के नुकसान का मुआवजा दिया जाए।

जिला कृषि अधिकारी डॉ. बलदेव सिंह ने कहा कि वह ओलावृष्टि से प्रभावित खेतों का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि फसलों में ओलों का पानी दो या तीन दिन खड़ा रह गया तो फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो जाएंगी।

डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने कहा कि ओलावृष्टि की वजह से खराब हुई फसलों की रिपोर्ट राज्य सरकार को भेज दी गई है। सरकार के आदेशों मुताबिक रेवन्यू विभाग से गिरदावरी करवाई जाएगी और किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।