पूर्व वित्त मंत्री रहे राथर के बेटे के आठ ठिकानों पर आयकर का छापा, जम्मू से दिल्ली तक हुई कार्रवाई

आयकर विभाग ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व वित्त मंत्री अब्दुल रहीम राथर के बेटे हिलाल राथर की संपत्तियों पर छापे मारे। यह छापेमारी ऋण गड़बड़ी और कर चोरी को लेकर की गई। इस सिलसिले में श्रीनगर, जम्मू दिल्ली और लुधियाना स्थित आठ ठिकानों पर तलाशी ली गई।

आयकर अधिकारी सबूतों और दस्तावेजों की तलाश कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह मामला हिलाल और उससे जुड़े लोगों द्वारा जे एंड के बैंक से लिए ऋणों में गड़बड़ी से जुड़ा है। हिलाल के पिता नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता हैं और पार्टी की सरकार में वह वित्त मंत्री थे। बताया जाता है कि पूर्व मंत्री के बेटे ने जेएंडके बैंक से करोड़ों रुपये का ऋण लिया था, लेकिन उसे न लौटाने पर उसे डिफाल्टर घोषित किया गया है।

आयकर विभाग और भ्रष्टाचार निरोधी ब्यूरो जे एंड के बैंक में हुई लेन-देन पर पहले से ही नजर बनाए हुए है। दोनों विभागों ने बैंक के खिलाफ जांच शुरू की है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के एंटी करप्शन ब्यूरो और आयकर विभाग दोनों इस मामले की जांच कर रहे हैं।

जम्मू में पूर्व सांसद और उनके भाई के आवास पर दबिश
आयकर विभाग की टीम ने यहां कांग्रेस के एक पूर्व सांसद और उनके भाई के आवास पर भी दबिश दी। लखदाता बाजार के एक प्रतिष्ठित स्वर्णकार के कार्यालय पर भी टीम पहुंची। सूत्रों के अनुसार, वीरवार सुबह आयकर विभाग की कई टीमों ने शहर के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की। विभागीय टीम ने पूर्व वित्त मंत्री अब्दुल रहीम राथर के त्रिकुटा नगर स्थित आवास के साथ भठिंडी स्थित कार्यालय की जांच की। टीम ने ग्रीन फील्ड गांधीनगर स्थित पूर्व सांसद के आवास दबिश दी, लेकिन सूत्रों के अनुसार घर पर परिवार के सदस्य मौजूद नहीं थे। पूर्व सांसद 2007-08 में राज्य में तत्कालीन मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद के सलाहकार रहे थे। इसके अलावा अखनूर रोड स्थित एक कंपनी के दफ्तर पर भी दबिश दी गई।

जेसीसीआई ने छापेमारी पर विरोध जताया
चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री जम्मू के प्रधान राकेश गुप्ता ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर आयकर विभाग और राज्य टैक्स विभाग की कार्रवाई पर विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि एक साजिश के तहत जम्मू के व्यापार को निशाना बनाया जा रहा है। पिछले 3-5 दिन से शहर के अधिकांश बाजार से कारोबारी शहर से बाहर हैं। परंतु जब वे वापस आ रहे हैं तो उन्हें आयकर विभाग और राज्य टैक्स विभाग की छापेमारी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने गृहमंत्री से दिल्ली में मुलाकात का समय मांगा है।