भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अस्थाई सदस्य के तौर पर आठवीं बार चुना गया, 192 में से 184 वोट मिले

भारत एशिया पैसिफिक श्रेणी में गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अस्थाई सदस्य के तौर पर आठवीं बार चुना गया. 192 वैध वोटों में से भारत को 184 वोट हासिल हुए. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस त्रिमूर्ति ने भारत की इस जीत पर खुशी ज़ाहिर की और कहा कि कोरोना वायरस के दौर में सुरक्षा परिषद में हमारा चुना जाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न और वैश्विक लीडरशिप को प्रेरित करने की गवाही देता है.

इंडिया एट यूएन, एनवाई के आधिकारिक ट्विटर हैंडल के ज़रिए इस खबर को साझा किया गया. भारत की इस बड़ी कामयाबी पर टीएस त्रिमूर्ति ने अपने एक वीडियो संदेश के साथ लिखा, “सदस्य देशों ने भारी समर्थन के साथ साल 2021-22 के लिए सुरक्षा परिषद की गैर-स्थायी सीट के लिए भारत का चुनाव किया. भारत को 192 मतों में से 184 मत पड़े.”

भारत इससे पहले सात बार रह चुका है सदस्य
इससे पहले भारत सात बार 1950-1951, 1967-1968, 1972-1973, 1977-1978, 1984-1985, 1991-1992 और अखिरी बार 2011-2012 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्‍थाई सदस्य रह चुका है.

एशिया पैसिफिक समूह से इकलौता उम्मीदवार
एशिया पैसिफिक समूह से भारत की उम्मीदवारी का समर्थन करने वाले 55 देशों में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, चीन, इंडोनेशिया, ईरान, जापान, कुवैत, किर्गिजिस्तान, मलेशिया, मालदीव, म्यामां, नेपाल, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, श्रीलंका, सीरिया, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात और वियतनाम शामिल हैं.

आपको बता दें कि हर साल 193 सदस्यों वाली यूएन जनरल असेंबली दो साल के कार्यकाल के लिए पांच गैर-स्थायी सदस्यों को चुनती है. इस परिषद के पांच स्थायी सदस्य हैं, जिसमें चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल है.