भारत ने फिर की इस देश की मदद, समंदर में फैले तेल की सफाई के लिए भेजे हेलीकॉप्टर

मॉरीशस के पास समंदर में फैले कच्चे तेल को साफ करने के लिए भारत सरकार ने मदद का हाथ बढ़ाया है. इसके लिए भारत सरकार ने भारत में ही बने ध्रुव और चेतक हेलीकॉप्टर को मॉरीशस भेजा है, जो भारत की तरफ से मॉरीशस को उपहार स्वरूप दिए गए हैं.

भारत ने एचएएल द्वारा विकसित एक ध्रुव हेलीकॉप्टर और तीन चेतक हेलीकाप्टर मॉरीशस को दिए हैं. ये हेलीकॉप्टर एमवी वाकाशिओ तेल टैंकर से समंदर में फैले तेल की सफाई में मदद करेंगे. भारत ने इससे पहले साल 2016 में एक ध्रुव हेलीकॉप्टर और दो चेतक हेलिकॉप्टर मॉरीशस सरकार को गिफ्ट किए थे.

ध्रुव एक यूटिलिटी हेलीकॉप्टर है, जिसका डिजाइन एचएल ने तैयार किया था और एचएएल ही इसे बनाता है. मार्च 2017 तक एचएएल ने 228 ध्रुव हेलीकॉप्टर बनाए हैं, जिनमें से 216 हेलीकॉप्टर भारतीय सुरक्षा बल इस्तेमाल करते हैं. ध्रुव हेलीकॉप्टर को नेपाल की सेना और मॉरीशस की पुलिस भी इस्तेमाल करती है.

मौजूदा समय में भारत सरकार आत्मनिर्भर भारत मिशन पर काम कर रही है. इसके तहत रक्षा सौदों से जुड़े 101 सामानों को ‘ब्लैक लिस्ट’ करके इसका आयात रोक दिया है.

चेतक हेलीकॉप्टर की बात करें तो एचएएल इसका उत्पादन 1962 से कर रहा है. पहला चेतक हेलीकॉप्टर फ्लाई अवे कंडीशन में 1966 से सेवा में आया. चेतक हेलीकॉप्टर इससे पहले भी मॉरीशस में तेल फैलने की घटना में काम आ चुका है. साल 1987 में मॉरीशस के समंदर में ऐसी ही घटना हुई थी जिसे हटाने में चेतक हेलिकॉप्टर ने मदद की थी.

भारत सरकार ने रविवार को 10 सदस्यीय टीम को मारीशस रवाना किया. जिसमें समंदर से तेल हटाने के उपकरण भी शामिल हैं. मॉरीशस के समंदर में फैले तेल की वजह से मॉरीशस सरकार ने ‘पर्यावरण आपातकाल’ घोषित किया है.