भारत की बड़ी कामयाबी, RISAT-2B सैटेलाइट अंतरिक्ष में स्‍थापित, तीसरी आंख का करेगा काम

अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत ने बुधवार को फिर बड़ी कामयाबी हासिल की है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपण यान के साथ भारत के हर मौसम के रडार इमेजिंग पृथ्वी निगरानी उपग्रह ‘आरआईसैट-2बी’ को प्रक्षेपित करके उसे पृथ्‍वी की निचली कक्षा में स्‍थापित कर दिया है. इसकी उलटी गिनती कल मंगलवार को शुरू हुई थी. यह सैटेलाइट देश के दुश्‍मनों के ऊपर नजर रखने में भी सहायक भूमिका निभाएगा.

इसरो के अनुसार उपग्रह ‘आरआईसैट-2बी’ को प्रक्षेपण यान पीएसएलवीसी46 से लॉन्‍च किया गया है. इसे अंतरिक्ष में 555 किमी की ऊंचाई पर स्‍थापित किया गया. इसरो ने कहा कि पीएसएलवी-सी46 के अपने 48वें मिशन पर बुधवार को सुबह साढे पांच बजे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से अभियान लॉन्‍च किया गया है.

इस उपग्रह का वतन 615 किलोग्राम है और इसे प्रक्षेपण के 15 मिनट बाद पृथ्वी की कक्षा में छोड़ा गया. यह उपग्रह खुफिया निगरानी, कृषि, वन और आपदा प्रबंधन सहयोग जैसे क्षेत्रों में मदद करेगा. इसरो प्रमुख के शिवन ने मिशन को ‘‘बहुत बहुत महत्वपूर्ण’’ बताया.

प्रक्षेपण से पहले तिरूपति के प्रसिद्ध भगवान वेंकटेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए शिवन ने कहा कि आरआईसैट-2बी के बाद, इसरो चंद्रयान-2 पर लगेगा जिसका नौ से 16 जुलाई के बीच प्रक्षेपण का कार्यक्रम है. उन्होंने कहा, ‘‘हर कोई उस मिशन पर बहुत उत्सुकता से नजर बनाए हुए है और इसरो छह सितंबर तक चंद्रयान-2 के रोवर को (चंद्रमा की सतह पर) उतारने को लेकर आशान्वित है.’’