जम्मू-कश्मीरः धार्मिक स्थलों को खोलने की तैयारी, बावे वाली माता मंदिर में बनाए गए 500 गोले

जम्मू में धार्मिक स्थलों को 16 अगस्त से खोलने की तैयारियां शुरू की जा रही हैं। इसमें धार्मिक स्थलों पर सामाजिक दूरी का सख्ती से पालन करवाने के लिए नई व्यवस्थाओं के साथ ढांचे स्थापित किए जा रहे हैं। सरकार की ओर से जारी एसओपी का पालन करवाने के लिए कमेटियों का भी का गठन किया गया है। शहर के प्रमुख बावे वाली माता के मंदिर में सामाजिक दूरी का पालन करवाने के लिए दो मीटर के दायरे के अंतराल में 500 गोले बनाए गए हैं। इस बार बावे वाली माता के दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को नए स्वरूप में दर्शन होंगे और उन्हें कई नई व्यवस्थाओं का पालन करना होगा।

मंदिर के महंत बिट्टा के अनुसार मंदिर प्रशासन ने अपने स्तर पर एसओपी तैयार की है। इसमें सामाजिक दूरी का पालन करवाने के लिए वीआईपी गेट से मंदिर भवन तक 500 गोले बनाए गए हैं। किसी भी श्रद्धालु को गोले से होकर ही दर्शन करने की अनुमति दी जाएगी। किले के गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग होगी और हाथों को सैनिटाइज किया जाएगा। भवन के भीतर जाने से पहले श्रद्धालुओं को सैनिटाइज टनल से होकर निकलना होगा।


उन्होंने कहा कि भवन के भीतर पाइप लगाए गए हैं, जिसमें महिलाओं और पुरुष श्रद्धालुओं को अलग-अलग से दर्शन के बाद बाहर भेजा जाएगा। मंदिर परिसर में भीड़ को इकट्ठा नहीं होने दिया जाएगा और गोले के आधार पर ही दर्शन करवाए जाएंगे। लोगों से अपील है कि जो श्रद्धालु प्रत्येक मंगलवार को दर्शन के लिए आता है, वह महीने में एक ही बार आए, ताकि भीड़ न बढ़े। इसी तरह 65 वर्ष से ऊपर और 10 साल से कम उम्र के बच्चे साथ में न लाएं। दिव्यांग और बीमार लोग भी मंदिर में न आएं। मंदिर प्रबंधकों  ने कहा कि सरकार की ओर से एसओपी का कड़ाई से पालन किया जाएगा।