बिजली कटौती से जम्मू संभाग को नहीं मिलेगी राहत, 27 फीसदी डिमांड से कम मिल रही बिजली

गर्मी के सीजन में अघोषित बिजली कटौती से जम्मू संभाग में राहत मिलने की संभावना नहीं है। एक ओर जहां बिजली विभाग उपभोक्ताओं को 24 घंटे निर्बाध बिजली सप्लाई के सपने दिखा रहा है वहीं जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर है।

वर्तमान 2300 मेगावॉट बिजली डिमांड की एवज में राज्य को नार्दन ग्रिड से मात्र 1690 मेगावाट बिजली ही उपलब्ध हो रही है। यानी डिमांड से 27 फीसदी कम बिजली मिल रही है। कश्मीर संभाग की 890 मेगावाट और जम्मू संभाग की 800 मेगावाट बिजली सप्लाई हो रही है।

हालात ऐसे हो गए हैं कि अप्रैल माह से आधे-एक घंटे की शुरू हुई स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) की ओर से अतिरिक्त बिजली कटौती मई महीने के अंत में तीन से चार घंटे हो गई है। विभागीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार एसएलडीसी की ओर से सभी जिलों को बारी बारी कर तीन से चार घंटे की बिजली कटौती में शामिल किया जा रहा है।

कई जिलों में ओवरलोड चल रहे बिजली ढांचों को भी बारी बारी कर बिजली कटौती के अधीन लाया जा रहा है। सुबह जहां आधे से एक घंटे की कटौती हो रही है वहीं लोड को कम करने के लिए संभाग के अधिकतर जिलों में पीक लोड यानी कि शाम के समय कटौती बढ़ा दी गई है।