J&K: खेतो में लगी भीषण आग, 930 कनाल भूमि जलकर हुई राख

पिछले एक सप्ताह से जम्मू व सांबा जिले के गांवों में आग का तांडव जारी है। प्रतिदिन सैकड़ों एकड़ फसलें आग की भेंट चढ़ रही हैं। एक बार फिर आग ने कहर बरपाया और दोनों जिलों के विभिन्न क्षेत्रों में 930 कनाल फसल जलकर राख हो गई।

बिश्नाह क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर भटियारी व चक मुरार में आग लगने से किसानों की 250 कनाल फसल जलकर राख हो गई। सुल्तानपुर में आग की लपटें उठती देख सैकड़ों किसान खेतों में पहुंचे और उन्होंने आग पर काबू पाने का प्रयास किया, परंतु आग बुझाने में नाकाम हुए। लोगों ने दमकल विभाग को सूचित किया पर बिश्नाह में एकमात्र दमकल की गाड़ी है, जो पहले ही गांव चक मुरार के खेतों में लगी आग को बुझाने के लिए गई हुई थी, इसलिए सुल्तानपुर में कोई भी दमकल की गाड़ी नहीं पहुंची। इस बात का लोगों में रोष है।

आग पर काबू पाने तक 250 कनाल फसल जल चुकी थी

आग से अपना सब कुछ गंवा चुके किसान सन्नी ने बताया कि जब तक आग पर काबू पाया गया, तब तक 250 कनाल फसल जलकर राख हो चुकी थी। जब सारा खेल खत्म हो गया तब दमकल की गाड़ी पहुंची। वह भी घटनास्थल से 200 मीटर दूर ही रही। तब तक आग लोगों ने बुझा दी थी। सतीश कुमार ने बताया कि हमारे पास यही जमीन थी और इसी फसल से हमें सालभर खाने का गेहूं मिलता था, लेकिन आग ने हमें तबाह कर दिया। आग कैसे लगी, इसकी जानकारी नहीं हो सकी है। वहीं, छोटू कुमार ने बताया कि दो वर्ष पहले भी पूरे क्षेत्र की फसल जलकर राख हो गई थी। वहीं, अपनी जली हुई फसल में बैठकर रामलाल कभी खुद को कोसते, कभी अपनी किस्मत पर रो रहे थे। सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने पीडि़त किसानों के नुकसान के बारे में रिपोर्ट तैयार की है।

गांव कल्याणा में 245 कनाल फसल जलकर राख

अरनिया क्षेत्र के गांव कल्याणा में आग लगने से चरण सिंह, अशोक कुमार, सुरजीत सिंह, प्रीतम लाल, कृष्ण चंद, पूरन चंद, सोमनाथ आदि किसानों की 245 कनाल फसल जल कर राख हो गई। इसी क्रम में सीमावर्ती क्षेत्र रामगढ़ में विभिन्न जगहों पर आग की घटनाओं से 235 कनाल खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई और वन संपदा को भी काफी नुकसान हुआ। आग पर काबू पाने के लिए दिनभर दमकल वाहनों के सायरन बजते रहे और दमकल कर्मी आग बुझाने में जुटे रहे। मंगलवार तड़के तीन बजे रामगढ़ क्षेत्र के गांव डडेयाल के साथ लगते खेतों में खड़ी फसल में अचानक आग लग गई। गहरी निद्रा में सो रहे किसानों को आग की घटना का तब पता चला, जब हर तरफ आग ने अपना तांडव मचा दिया था। किसी तरह से किसान एक दूसरे से संपर्क करने में कामयाब हुए और आग पर काबू पाने में जुट गए। वहीं, पुलिस को सूचना मिलते ही थाना प्रांगण में खड़ी दमकल गाड़ी को घटना स्थल के लिए रवाना कर दिया गया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन इस भीषण अग्नि हादसे में 103 कनाल फसल जल राख हुई।

किसान जसबीर सिंह व रतन सिंह की पांच-पांच एकड़, कुलवंत सिंह, बचन लाल, बलदेव कुमार की पांच-पांच कनाल तथा बलङ्क्षवदर सिंह की एक एकड़ फसल जलकर स्वाहा हो गई। उधर, कस्बा रामगढ़ के बाहरी क्षेत्र के खेतों में मंगलवार सुबह दस बजे आग लग गई। आग से 14 किसानों को नुकसान हुआ, जिसमें 80 कनाल फसल जलकर राख हुई। किसान रवैल सिंह, बलबीर सिंह, दर्शन लाल की छह-छह कनाल, बलजिंदर सिंह की आठ कनाल, रमेश चंद्र की सात कनाल, बेली राम, संपूर्ण सिंह, पूरन सिंह, जिंदर लाल की चार-चार कनाल, यशपाल की पांच कनाल, प्रीता कुमार, रतन लाल, प्रकाश चंद की दो-दो कनाल फसल राख हुई। वहीं, सुबह कस्बा रामगढ़ के साथ लगते कृषि क्षेत्र में भी शार्ट सर्किट से आग लग गई। तेज हवाओं के चलते देखते ही देखते एक दर्जन किसानों की 50 कनाल फसल जल गई। सूचना मिलने के बाद दमकल की गाड़ी भी पहुंची और आग पर काबू पाया। इसके अलावा गांव खानपुर में भी कृषि क्षेत्र में लगे ट्रांसफार्मर से आई तकनीकी खराबी के कारण चिंगारी खेतों में पडऩे से वहां आग लग गई। स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया। दोपहर को गांव पखड़ी में भी शार्ट सर्किट से घास व लकडिय़ों को आग लग गई। ग्रामीणों ने समय रहते आग को बुझाया नहीं तो किसानों की मेहनत आग निगल जाती।

शार्ट सर्किट से लग रही फसलों में आग

बिजली के शार्ट सर्किट से विजयपुर क्षेत्र के सीमावर्ती इलाकों में आग का कहर जारी रहा। सीमावर्ती इलाकों में आग लगने की चार घटनाएं घटीं। सबसे ज्यादा नुकसान सीमावर्ती गांव नंगा व चक बबराल में हुआ। यहां एक दर्जन किसानों की 150 कनाल फसल जलकर राख हो गई। सबसे ज्यादा नुकसान किसान प्रदीप सिंह, कुलदीप सिंह, रतन सिंह, जसबीर सिंह का हुआ। विजयपुर क्षेत्र में पिछले छह दिनों में चार दर्जन किसानों की 300 कनाल गेहूं की फसल जल गई। उधर, थाना विजयपुर क्षेत्रधिकार के गांव रजिंद्रपुरा में दो कनाल खड़ी फसल जलकर राख हुई और कई एकड़ वन संपदा को भी नुकसान हुआ। इस हादसे में विजय कुमारी पत्नी स्व. राजेंद्र सिंह निवासी राजेंद्रपुरा को आग का नुकसान ङोलना पड़ा। मंगलवार के दिन गांव नंगा, बबराल, रामगढ़, रजवाल के किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारण शॉर्ट सर्किट बताए जा रहे हैं।

मीरां साहिब में भी आग ने बरपाया कहर

वहीं, मीरां साहिब क्षेत्र के गांव मरालियां में आग लगने से 48 कनाल फसल जलकर राख हो गई। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया, मगर तब तक काफी फसल जल चुकी थी। आग लगने से सतपाल निवासी कृष्ण नगर की आठ कनाल, अजय रामपाल निवासी मरालियां की 32 कनाल, एसके कोतवाल निवासी भगवती नगर की 4 कनाल, रमेश चंद्र निवासी मरालियां की 4 कनाल फसल आग में पूरी तरह से बर्बाद हो गई। इसी क्रम में शहर से सटे गजनसू इलाके में मंगलवार दोपहर को दो कनाल गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। आग पर स्थानीय लोगों ने काबू पाकर उसे आगे बढऩे से रोक लिया।

आग की भेंट चढ़ी फसलों का मिले उचित मुआवजा

जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में किसानों की फसलों को आग से जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई के लिए जिला प्रशासन को कदम उठाने चाहिए। भाजपा के जिला अध्यक्ष जंगवीर सिंह चिकू के नेतृत्व में शिष्टमंडल डीसी सुषमा चौहान से मिला। इस अवसर पर जंगवीर सिंह ने कहा कि जिले में लगभग 400 कनाल गेहूं की फसलें आग की भेंट चढ़ गई हैं। अधिकतर आग की घटनाएं बिजली के शॉर्ट सर्किट से हुई हैं।

नुकसान का जायजा लेकर उचित मुआवजा दिया जाए: शाम

पूर्व मंत्री चौधरी शाम लाल ने सीमांत गांव मोटे का दौरा कर आग के कारण गेहूं की फसल को हुए नुकसान का जायजा लिया। इस दौरान मौके पर तहसीलदार सुचेतगढ़ गगनदीप कुमार भी मौजूद रहे। प्रभावित किसानों ने पूर्व मंत्री को अपने नुकसान की जानकारी दी और मांग की कि उनके नुकसान का जायजा लेकर उनका उचित मुआवजा दिया जाए। किसानों ने कहा कि बिजली विभाग की लापरवाही के चलते उनको हर साल नुकसान होता है। पूर्व मंत्री चौधरी शाम लाल ने मौके पर मौजूद तहसीलदार से कहा कि वह किसानों के नुकसान का जायजा लें और उनको उचित मुआवजा भी दें। इस दौरान सरपंच ओमकार सिंह, मंडल प्रधान स्वर्ण सिंह चिब, सतपाल पप्पी, कैप्टन करनैल सिंह आदि भी मौजूद रहे।