छोटे उद्योगों को अब भरनी होगी तिमाही रिटर्न

राज्य प्रशासन ने जम्मू कश्मीर के छोटे करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए जीएसटी में मासिक रिर्टन भरने की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। राज्य के छोटे करदाता पुरानी प्रणाली के अनुसार, तिमाही रिर्टन दायर कर सकेंगे। राज्यपाल सत्यपाल मलिक की अध्यक्षता में हुई राज्य प्रशासनिक काउंसिल की बैठक में जम्मू कश्मीर गुड्स एंड सर्विस टैक्स संशोधन बिल 2018 को मंजूरी दी। जम्मू कश्मीर गुड्स एंड सर्विस टैक्स एक्ट 2017 में वस्तुओं की अंतर राज्य सप्लाई पर टैक्स लगाने व जमा करने का प्रावधान शामिल किया गया था। यह कानून केंद्र की तर्ज पर बनाया गया था। वित्त विभाग ने जीएसटी एक्ट 2017 के प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव दिया, ताकि करदाताओं विशेषकर लघु व मध्यम दर्जे के उद्योगों की परेशानियां का अंत हो सके। रिर्टन भरने के नए सिस्टम में अब तिमाही रिर्टन भरनी होगी और इसके लिए दस्तावेज का काम भी कम होगा। जीएसटी एक्ट में संशोधन से टैक्स प्रशासन में बेहतरी आएगी और राजस्व वसूली में आसानी होगी।