जेल में बंद ठग के ऊपर लगा ठगी का एक और मामला

खुद को चीफ विजिलेंस कमिश्नर सीवीसी बता कर लाखों से करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोपी जावेद अख्तर के विरुद्ध नगरोटा पुलिस ने ठगी का एक और मामला दर्ज किया है। जावेद अख्तर इन दिनों कोट भलवाल जेल में ठगी के एक मामले में हीं बंद है।

नगरोटा थाने में दर्ज शिकायत में सुलेमान चौधरी निवासी नगरोटा ने बताया कि खुद को सीवीसी बताने वाले जावेद अख्तर पर केन्द्रीय विभाग में नौकरी दिलवाने के नाम पर पांच लाख रुपये ठगने का आरोप लगाया है। सुलेमान का कहना है कि नौकरी दिलवाने के नाम पर तीन लाख रुपये फर्जी सीवीसी जावेद अख्तर की पत्नी निशांत अख्तर ने लिए थे जबकि दो लाख जावेद ने लिए थे। सुलेमान की पहचान के एक व्यक्ति ने उसे जावेद अख्तर से मिलवाया था। सुलेमान बतौर ड्राइवर जावेद अख्तर की गाड़ी चलाने लगा। जावेद अख्तर उसे अकसर बताता था कि उसके कई केन्द्रीय मंत्रियों से रिश्ते है। वह सुलेमान की नौकरी केन्द्रीय विभाग में लगवा देगा। सुलेमान उसकी बातों में आ गया और पांच लाख रुपये नौकरी लगाने के लिए उसे दे दिए।

न तो आरोपित व उसकी पत्नी ने उसे नौकरी दिलवाने के नाम पर लिए रुपयों को लौटाया और ना हीं उसकी नौकरी लगाई। कुछ दिनों पूर्व उसे पता चला कि जावेद अख्तर ठगी के मामले में नगरोटा पुलिस थाने में गिरफ्तार हुआ है। जिसके बाद अब वह शिकायत लेकर आया।

एसएचओ नगरोटा दीपक पठानिया ने बताया कि जावेद अख्तर इन दिनों जेल में बंद है। जावेद पर पहले से ही जम्मू के कुछ व्यापारियों से पैट्रोल पंप तथा ठेके दिलवाने के नाम पर करोड़ों रुपये ठगने का आरोप है। यही नहीं उसने राज्य सरकार को भी चूना लगाया है। वह खुद को आईआरएस अधिकारी बता कर सरकारी गेस्ट हाउस व सरकारी वाहन का भी प्रयोग करता आ रहा था। इन दिनों जावेद खुद को सीवीसी बता कर लोगों को चूना लगा रहा था।