दरबार स्थानांतरण: जम्मू में खुला जम्मू कश्मीर सचिवालय

जम्मू कश्मीर में दरबार स्थानांतरण के तहत राज्य सरकार का सचिवालय 10 दिन के अवकाश के बाद यहां सोमवार को खुल गया। श्रीनगर में छह महीने कामकाज के बाद सचिवालय के अलावा राजभवन और पुलिस मुख्यालय समेत स्थानांतरित हुए अन्य कार्यालय भी खुल गये। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सचिवालय में पारंपरिक सलामी गारद का जायजा लिया। जम्मू में अत्यधिक गर्मी और श्रीनगर में कंपकपाती ठंड से बचने के लिये 1872 में तत्कालीन महाराजा गुलाब सिंह ने ‘दरबार स्थानांतरण’ की परंपरा शुरू की थी। आजादी के बाद भी चुनी हुई सरकारों ने राज्य के कश्मीर एवं जम्मू दोनों क्षेत्रों में छह महीने के लिये बारी-बारी से शासन का लाभ प्रदान करने के लिए इस परंपरा को बनाये रखा। अधिकारियों ने बताया कि यहां से सरकार के सुचारू कामकाज सुनिश्चित करने के लिये सभी जरूरी सुरक्षा एवं अन्य इंतजाम किये गये हैं। एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मलिक ने घोषणा की कि सरकार कश्मीर में हुई बर्फबारी में अपना फसल गंवा चुके किसानों को मुआवजा देगी। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने कश्मीर में क्षति के आकलन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि जम्मू इससे अधिक प्रभावित नहीं हुआ। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को कश्मीर में असमय हुई बर्फबारी से करोड़ों रुपये के सेब के बागान को नुकसान हुआ है क्योंकि काफी संख्या में फलों से लदे पेड़ या तो उखड़ गये या उनकी टहनियां टूट गयीं। बर्फबारी के कारण कश्मीर में बिजली की आपूर्ति बंद हो गई थी। बहरहाल, रविवार को कश्मीर के अधिकतर हिस्सों में बिजली की आपूर्ति बहाल हो गयी। मलिक ने कहा, ‘‘दो दिनों के अंदर शेष इलाकों में बिजली की आपूर्ति बहाल कर दी जायेगी।’’