मिशन साहसी में तीन हजार बेटियों ने सीखे आत्मरक्षा के गुर

बेटियों को आत्मरक्षा के गुर सिखाने, उन्हें साहसिक एवं निडर बनाने के उद्देश्य से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से मिशन साहसी के तहत एक ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 3000 से अधिक लड़कियों ने आत्मरक्षा के गुर सीखे। समापन समारोह पर डिप्टी कमिश्नर सांबा सुषमा चौहान मुख्य अतिथि थीं। कार्यक्रम का आयोजन कराटे एसोसिएशन के अध्यक्ष अम्बेडकर गुप्ता के सहयोग से किया गया। राज्य अध्यक्ष एबीवीपी जम्मू-कश्मीर ईश्वर शरद, राज्य सचिव दीपक गुप्ता, मिशन साहसी संयोजक कोमल, राज्य संयुक्त सचिव रिमा अली खान और राज्य ग‌र्ल्स सह-प्रभारी एबीवीपी नैना डोगरा मंच पर मौजूद थे।

छात्रों को संबोधित करते हुए डीसी सांबा ने कहा कि एबीवीपी ने इस ऐतिहासिक कदम से बेटियों का साहस बढ़ाया है। उनमें आत्मविश्वास जगाया है। इस तरह के कदम से दूसरे संगठनों को भी प्रेरणा लेनी चाहिए। ऐसे कार्यक्रमों से महिलाओं में विश्वास बढ़ता है। ऐसे प्रयासों से ही महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। छात्राएं आज हर क्षेत्र में सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही हैं। सुख¨वदर कौर ने कहा कि लड़कियों ने कहा कि जब लड़की को विश्वास होगा कि वह आत्मरक्षा कर सकती है तो वह कहीं भी किसी भी प्रतिस्पर्धा में बढ़चढ़ कर भाग लेगी। रश्मी वजीर ने छात्रों के साथ बातचीत करते हुए कहा कि लड़कियों के मन से डर निकालने के लिए एबीवीपी का सराहनीय प्रयास रहा है।

स्वागत भाषण में एबीवीपी के राज्य अध्यक्ष ने आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश भर में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि लड़कियां आत्मरक्षा के काबिल बन सकें। धन्यवाद राज्य सचिव ने किया। इस मौके पर राजेश्वर ¨सह, परमेन्द्र ¨सह, गो¨वद शर्मा, सोनाली वैद और परीजात शर्मा, गौरव, सोनाली शर्मा, हुमायरा, पेल गुप्ता, वांशुका, तनिशा, रितिका, प्रिया शर्मा, कोमल मेंगी, श्रुति, भावना, कुणाल, मनजीत, दीपक,

राजित, अभिषेक शर्मा, पंकज शर्मा, अक्षय शर्मा, मनजीत जुमुरिया, कार्तिक, भानु सुदान, विपुल, सुनील चौधरी, आकाश शर्मा, पीयूष खजूरिया, आमोग गुप्ता, पीयूष वर्षा, सुयांश, मयंक, अनिकेत, आशिमा अली हैदर, राघव रचित, अभिनव, अजय लाखोत्रा आदि ने कार्यक्रम के आयोजन भरपूर सहयोग दिया।

आत्म रक्षा के गुर सीखने वाली छात्राओं ने कहा कि चंद दिनों में ही उन्हें अम्बेडकर गुप्ता से काफी कुछ सीखने का मौका मिला है। विश्वास बढ़ा है। अब लगता है कि वह किसी से भी निपट सकती हैं।