राज्य की सड़कों पर जल्द दौड़ेगी रेडियो टैक्सी, तैयारी में जुटी सरकार

सुरक्षित, साफ-सुथरी, आरामदायक, कुशल, सस्ती किन्तु सुखद रेडियो टैक्सी सेवा जल्द जम्मू-कश्मीर में शुरू होगी। रेडियो टैक्सी देश भर से यहां आने वाले पर्यटकों के लिए ही नहीं बल्कि स्थानीय यात्रियों के लिए भी सुलभ होगी। कैब किराये पर लेने पर आपको कैब का नंबर और उसके चालक का मोबाइल नंबर भी मिलेगा। सरकार रेडियो टैक्सी सेवा शुरू कर रोजमर्रा के सफर के अनुभवों में सुधार चाहती है।

श्रीनगर में ट्रांसपोर्ट विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी डॉ. असगर सामून की देखरेख में बुलाई गई उच्चस्तरीय विडियो कांफ्रेंसिंग में इस पर विस्तापूर्वक चर्चा हुई। रेडियो टैक्सी शुरू करने के लिए ओला और उबर कंपनियों को न्यौता दिया गया है। देश के अन्य भागों की तरह राज्य में भी यात्री कभी भी घर बैठे मोबाइल एप के माध्यम से रेडियो टैक्सी की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। बिल और रसीद आदि जारी करने के लिए रेडियो टैक्सी में जीपीआरएस तकनीक, डिजिटल फेयर मीटर और थर्मल प्रिंटर फिट किए हाेंगे। जिसमें प्रति किलोमीटर के लिए प्वाइंट टू प्वाइंट आधार बिलिंग की जाएगी। रेडियो कैब जम्मू-कश्मीर में 24×7 रूप से उपलब्ध होगी और समय-सुरक्षा संबंधी कोई दिक्कत नहीं होगी।

यात्री वाहनों में लगेंगे जीपीएस

प्रिंसिपल सेक्रेटरी सामून ने यात्री वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाने सहित राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर क्रेश बैरियर लगाने के भी दिशा निर्देश दिए ताकि सड़क हादसों पर अंकुश लगाया जा सके। सड़क हादसों के घायलों के लिए उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रामा सेंटर बनाने पर भी जोर दिया ताकि बेशकीमती जानों को बचाया जा सके। सरकार मुगल रोड को विकसित कर रही है ताकि जम्मू से श्रीनगर और श्रीनगर से जम्मू आने-जाने वाले इस मार्ग का भी पूरा साल इस्तेमाल किया जा सके। ओवरलोडिंग पर लगाम लगाने के लिए ट्रैफिक विभाग को कड़े कदम उठाने के निर्देश देते हुए सामून ने वाहन चालकों से भी यातायात नियमों का पालन करने की अपील की।