अमित शाह का दो टूक निर्देश, आतंकवाद पर नहीं बरत सकते ढिलाई

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जम्मू कश्मीर का दो दिन का दौरा गुरुवार को संपन्न हो गया. दो दिन के दौरे में अमित शाह ने सुरक्षा बलों को जम्मू कश्मीर में हर हाल में सुरक्षा चुस्त दुरुस्त बनाने के निर्देश दिए. शाह ने साफ कर दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता.

राज्य के अपने दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन शाह ने जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के साथ एकीकृत मुख्यालय की बैठक की सह-अध्यक्षता की. एकीकृत मुख्यालय राज्य में शीर्ष आतंकवाद विरोधी ग्रिड है. इसमें सिविल, सैन्य, अर्धसैनिक, राज्य पुलिस और खुफिया एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी शामिल हैं. इनके अलावा बैठक में गवर्नर के सलाहकार के. विजय कुमार, मुख्य सचिव बी.वी.आर. सुब्रह्मण्यन, उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह और अर्धसैनिक बलों और राज्य और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे.

मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यन ने एक बयान में कहा कि आतंक विरोधी कार्रवाई बंद नहीं होगी. शाह ने भी इसे जारी रखने की बात की और इस काम में जम्मू कश्मीर पुलिसकर्मियों की सराहना की जो आतंकवाद विरोधी अभियान में अग्रणी भूमिका निभाते हैं. समीक्षा के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू कश्मीर में सुरक्षा की स्थितियों के बारे में जानकारी दी और यह भी बताया कि पिछले एक साल के प्रयास से क्या हासिल हुआ है और भविष्य में क्या कुछ करने की तैयारी है. इस बात पर भी विशेष मंथन हुआ कि प्रदेश में शांति कायम करने के लिए आगे क्या कदम उठाए जा सकते हैं. बैठक में यह बात सामने आई कि आतंकी गतिविधियों के खिलाफ सरकार कोई ढिलाई नहीं बरत सकती.

अमरनाथ यात्रा को लेकर अमित शाह ने सुरक्षा बलों को मुस्तैदी से काम करने का निर्देश दिया. यात्रा के दौरान कोई हिंसक घटना न हो, इसे सुनिश्चित करने की वचनवद्धता दोहराई गई. वरिष्ठ अधिकारियों को व्यक्तिगत तौर पर सभी प्रकार के इंतजाम पर नजर रखने की बात कही गई. अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों की सुरक्षा में आधुनिक टेक्नोलॉजी के उपयोग पर बल दिया गया.

गृहमंत्री ने दोहराया है कि सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह चौकस रहनी चाहिए और हिंसा मुक्त अमरनाथ यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा संबंधी सारे कदम उठाने चाहिए. यात्रा के दौरान विशेष संचालन प्रक्रिया लागू करने में कोई ढील नहीं बरतने का निर्देश दिया गया और वरिष्ठ अधिकारियों को लगातार इसकी निगरानी करने पर जोर दिया गया. गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि सुरक्षा बलों को यह सुनिश्चत करना चाहिए कि नई टेक्नोलॉजी का हर संभव बेहतर उपयोग हो और तोड़-फोड़ और बर्बादी रोकने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए.

अमित शाह के दौरे के दौरान तीन प्रमुख मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया जिनमें पहला मुद्दा प्रदेश के अत्यंत गरीब लोगों को सरकारी योजनाओं का पूरा-पूरा लाभ दिलाना सुनिश्चित करना है. दूसरा, सुरक्षा बंदोबस्त चाकचौबंद हो ताकि अमरनाथ यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न हो और अगर जरूरत पड़े तो इसे और कड़ी किया जाए. तीसरा, प्रदेश में सुरक्षा के हालात में सुधार के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों की ओर से कठिन मेहनत की जा रही है.