वैष्णो देवी से खच्चरों को पूरी तरह से हटाने की संभावना तलाशे सीईसी

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) से जम्मू एवं कश्मीर में माता वैष्णो देवी तीर्थस्थल से खच्चरों को पूरी तरह हटाने की संभावना पर विचार करने को कहा। इसके साथ ही समिति से रेडियो फ्रीक्वेंसी पहचान (आरएफआइडी) टैग लागू करने और ठोस कचरा के निस्तारण के मुद्दे को भी देखने को कहा है। कोर्ट ने सीईसी को अपना जवाब सौंपने के लिए आठ सप्ताह का समय दिया है।

जस्टिस एमबी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने कहा कि सीईसी उस आरोप की भी जांच करेगी जिसमें कहा गया है कि मृत पशु को पहाड़ी से नीचे गिराने के बाद नदी में प्रवाहित कर दिया जाता है।

सामाजिक कार्यकर्ता गौरी मुलेखी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कृष्णन वेणुगोपाल ने कहा कि इन सभी पहलुओं की देखरेख करने के लिए समिति गठित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस्तेमाल किए जाने वाले आरएफआइडी टैग प्लास्टिक के होते हैं और इन्हें आसानी से क्षतिग्रस्त किया जा सकता है।

पीठ ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, माता श्री वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड से याची द्वारा उठाए गए मुद्दे पर अपना जवाब सौंपने के लिए कहा है। इसके साथ ही पीठ ने कहा कि सीईसी खच्चरों से उत्पन्न ठोस कचरा के निस्तारण के पहलुओं, स्थायी आरएफआइडी टैग और खच्चरों की संख्या 4600 से कम कर 2500 करने पर विचार करेगा और उन्हें पूरी तरह से खत्म करने पर अपना सुझाव देगा