जम्मू कश्मीर बैंक को सार्वजनिक उपक्रम का दर्जा देने का फैसला वापस लेने की मांग

नेशनल कांफ्रेंस ने  राज्य के जम्मू एण्ड कश्मीर बैंक को सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम मानने का फैसला वापस लेने की मांग की। पार्टी ने यहां विरोध प्रदर्शन करते हुये राज्य में निर्दोष नागरिकों के मारे जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुये ऐसी घटनाएं रोकने की भी मांग की। जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक की अध्यक्षता वाली राज्य प्रशासनिक परिषद (एसएसी) ने गत गुरुवार को जम्मू कश्मीर बैंक लिमिटेड को सार्वजनिक उपक्रम मानने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। अधिकारियों के मुताबिक एसएसी ने जम्मू कश्मीर सूचना के अधिकार कानून 2009 के प्रावधानों का राज्य के दूसरे उपक्रमों की तरह जम्मू कश्मीर बैंक पर भी लागू होने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही बैंक केन्द्रीय सतर्कता आयोग के दिशानिर्देशों का भी अनुपालन करेगा। नेशनल कांफ्रेंस के महासिचव अली मोहम्मद सगर के नेतृत्व में सोमवार को पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने पार्टी मुख्यालय से विरोध प्रदर्शन शुरू किया। इस दौरान उन्होंने नागरिकों के मारे जाने के खिलाफ और जम्मू कश्मीर बैंक को सार्वजनिक उपक्रम बनाये जाने के खिलाफ नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन यहां एमए रोड़ स्थित जम्मू कश्मीर बैंक के मुख्यालय पर जाकर समाप्त हो गया।