जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन के कारण सातवें दिन भी बंद, मलवा हटाने का काम जारी

जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग हुए भूस्खलन के बाद मलवा हटाने का काम अभी भी जारी है। एेसी सूरत में सातवें दिन भी हाइवे खुलने के कोई आसार नहीं है। रामबन और बनिहाल के बीच मरोग, पंथयाल और टी-2 में भूस्खलन के कारण राजमार्ग पर मलवे के पहाड़ बन गए हैं। बीआरओ की टीम जेसीबी की मदद से मलवे को हटाने का काम कर रही है परंतु अभी इसमें समय लग सकता है। लगातार छह दिनों से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद रहने से तीन हजार से अधिक वाहन हाइवे पर फंसे हुए हैं। ट्रफिक विभाग के अनुसार इसे साफ करने का काम युद्धस्तर पर जारी है। उम्मीद है कि दोपहर बाद हाइवे को एकतरफा खोला जाए ताकि फंसे वाहन घाटी की ओर रवाना हो सकें।

प्रशासन का कहना है कि अभी भी पहाड़ पर से चट्टाने गिरने का सिलसिला जारी है। जब तक पहाड़ का मलवा पूरी तरह से साफ नहीं हो जाता और यात्रियों के लिए हाइवे सुरक्षित नहीं होता। किसी भी वाहन को जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग पर जगह-जगह वाहनों की कतारें लगी हुई हैं। इसमें ज्यादातर खाद्य सामग्री व अन्य सामान से लदे ट्रक, टैंकर तथा यात्री वाहन हैं। लगातार राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने के कारण घाटी में खाद्य सामग्री जैसे सब्जियां, मटन, पोल्टरी प्रोडक्टस तथा पेट्रोलियम प्रोडक्टस की भी कमी हो गई है।

वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग लगातार बंद रहने के कारण अब लोगों को मजबूरन हवाई सेवा से सफर करना पड़ रहा है। इसके किरायों में भी बढो़तरी देखने को मिल रही है। राजमार्ग पर फंसे लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पैसों की कमी के चलते उन्हें हवाई सेवा के जरिए घाटी पहुंचाया जाए। हालांकि सोमवार को प्रशासन ने एयरफोर्स के दो विशेष विमानों में 707 यात्रियों को घाटी भेजा है। वहीं रामबन प्रशासन ने बताया कि हाइवे पर फंसे यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है और उनके लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई है। ट्रैफिक विभाग ने भी यात्रियों को यह स्पष्ट हिदायत दी है कि कंट्रोल रूम से यातायात बहाली की पुष्टि होने के बाद भी वाहन लेकर निकलें।

13 से 15 तक बारिश तथा बर्फबारी की संभावना

जम्मू-कश्मीर में मंगलवार सुबह से ही आसमान में हल्के बादल छाए रहें। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर में 13 से 15 फरवरी तक एक बार फिर बारिश तथा बर्फबारी की संभावना है। बर्फबारी के बाद से कश्मीर घाटी में बर्फ की सफेद से ढकी हुई है। बर्फबारी के चलते घाटी में स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बर्फबारी के कारण घाटी में ठिठुरन भी बढ़ गई है। इसी बीच श्रीनगर का न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे 0.4 डिग्री सेल्सियस रहा। पहलगाम तथा गुलमर्ग का न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे 2.6 तथा शून्य से नीचे 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लेह का न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे 8.2 डिग्री सेल्सियस रहा। करगिल का न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे 20.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। द्रास का तापमान शून्य से नीचे 14.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं जम्मू का न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री सेल्सियस किया गया है। कटरा का तापमान 8.8, बटोत का 0.5, बनिहाल का शून्य से नीचे 0.4 तथा भद्रवाह का शून्य से नीचे 0.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।