परिवार की चेतावनी, अगर यासीन मलिक को कुछ भी हुआ तो सरकार होगी जिम्मेदार

जेल में बंद अलगाववादी नेता मोहम्मद यासीन मलिक के परिवार ने उनकी सेहत को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि अगर उन्हें कुछ भी होता है तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी। दिल्ली की एक अदालत ने जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के प्रमुख मलिक जिन्हें अलगाववादियों और आतंकी समूहों को आर्थिक सहायता मुहैया कराने से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था, को पिछले हफ्ते 24 मई तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। वह राष्ट्रीय राजधानी स्थित तिहाड़ जेल में बंद हैं।

परिवार ने मलिक के मैसुमा आवास पर आयोजित एक पत्रकार वार्ता पर कहा, ‘अगर वह एक कैदी हैं तो एक कैदी के भी कुछ अधिकार होते हैं और क्या उन्हें वे अधिकार नहीं मिलने चाहिए? उन्हें (मलिक को) एकांत कारावास में क्यों रखा गया है? मामला या (जन) सुरक्षा अधिनियम ठीक है, लेकिन हम उनकी सेहत को लेकर बहुत फिक्रमंद हैं। वह जेल में लंबे समय तक नहीं रह पाएंगे।’

परिवार ने कहा कि वे जेकेएलएफ अध्यक्ष के खिलाफ दर्ज मामले के खिलाफ नहीं है लेकिन मलिक के साथ कुछ भी गलत होता है तो सरकार जिम्मेदार होगी। परिवार ने आरोप लगाया कि मलिक से किसी को मिलने नहीं दिया जा रहा है। बता दें कि जेकेएलएफ प्रमुख तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रूबिया सईद के 1989 में हुए अपहरण और 1990 में भारतीय वायुसेना के चार कर्मियों की हत्या के मामलों में भी आरोपों का सामना कर रहे हैं। जेकेएलएफ को हाल में गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत प्रतिबंधित किया गया है।