जम्मु और काश्मीर में भारी बर्फबारी और बारिश की संभावना

राज्य में दो दिन राहत के बाद मंगलवार से फिर मौसम करवट बदल लेगा। अगले तीन दिन यानि पांच से सात फरवरी तक मैदानी इलाकों में बारिश और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बर्फबारी की संभावना है। मौसम विभाग ने जम्मू व कश्मीर के डिवीजनल कमिश्नरों को इस संबंध में एक एडवाइजरी भी जारी की है। हालात से निपटने के लिए प्रशासन ने भी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बीच, जम्मू-श्रीनगर हाईवे सोमवार को एकतरफा यातायात के लिए खुला, लेकिन शाम को भूस्खलन होने से इसे दोबारा बंद कर दिया गया।

मौसम विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी में पांच से सात फरवरी तक बारिश-बर्फबारी के साथ ऊपरी क्षेत्रों में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि छह व सात फरवरी को दक्षिण कश्मीर के पर्वतीय पीरपंजाल श्रृंखला और निचले रिहायशी इलाकों में भारी बर्फबारी की संभावना है। इन पहाड़ी इलाकों में लोगों को मवेशी चराने के लिए मना किया गया है। जम्मू संभाग के डोडा, बटोत के अलावा जवाहर टनल के साथ लगते बनिहाल इलाकों में भी भारी बर्फबारी और बारिश हो सकती है।

इस बीच, कश्मीर को देश के अन्य हिस्सों से सड़क मार्ग से जोड़ने वाला जम्मू-श्रीनगर हाईवे सोमवार को एकतरफा यातायात के लिए खोला गया। इस दौरान वाहानों को जम्मू से श्रीनगर की तरफ रवाना किया गया। सबसे पहले जम्मू में रोके गए आवश्यक वस्तुओं से लदे करीब 3000 ट्रकों को श्रीनगर की तरफ भेजा गया। उसके बाद यात्री वहानों को श्रीनगर की तरफ रवाना गया। इस दौरान किसी भी वाहन को श्रीनगर से जम्मू की तरफ रवाना होने की अनुमित नही दी गई। बनिहाल ट्रैफिक कंट्रोल रूम के अनुसार, शाम चार बजे बनिहाल के निकट खारपोरा में भूस्खलन के कारण हाईवे फिर बंद हो गया। एसएसपी ट्रैफिक आलोक कुमार ने कहा कि मंगलवार को मौसम व सड़क की हालत ठीक होने की सूरत में वाहनों को श्रीनगर से जम्मू की तरफ रवाना किया जाएगा। कहां कितना तापमान :

श्रीनगर में अधिकतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान माइनस 2.4 डिग्री रहा। जम्मू का अधिकतम तापमान 20.2 व न्यूनतम 8.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। पहलगाम में न्यूनतम तापमान माइनस 5.2 व गुलगर्म में माइनस 7.8 डिग्री रिकार्ड किया गया।