नौ साल बाद कल जम्मू वासियों को मिलेगा उनका मेयर

तेरह वर्षों बाद हुए निकाय चुनावों के बाद जम्मू शहर को नया मेयर मिलने जा रहा है। वर्ष 2009 में अंतिम मेयर बना था। इस बार भाजपा बहुमत में है। लिहाजा भाजपा का मेयर बनना लगभग तय है। अलबत्ता एक निर्दलीय चुनाव मैदान में है। 15 नवंबर को शहर के 75 काॅरपोरेटर मेयर चुनेंगे। इसके बाद निर्वाचित मेयर, डिप्टी मेयर का चुनाव करवाएगा।

मेयर बनने के लिए 38 वोट चाहिए जबकि भाजपा के 43 कॉरपोरेटर हैं। वहीं कांग्रेस और निर्दलीय काॅरपोरेटरों ने मिलकर मेयर पद के लिए निर्दलीय जबकि डिप्टी मेयर के लिए कांग्रेस प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारा है। निर्दलीय विजय चौधरी पूर्व मेयर मनमोहन सिंह चौधरी की धर्मपत्नी हैं। निर्दलीय के पास 18 और कांग्रेस के पास 14 कॉरपोरेटर हैं। दोनों को मिलाकर आकड़ा 32 पहुंच जाता है। जोड़-तोड़ की राजनीति चलाते हुए यह फ्रंट भाजपा के खेमें में सेंध लगाकर मेयर और डिप्टी मेयर पद जीतने की हर संभव कोशिश कर रहा है।

मार्च 2010 में मेयर का कार्यकाल समाप्त हुआ था। उसके बाद से नगर निगम के चुनाव नहीं हुए। वहीं मेयर बनने के साथ ही नगर निगम में रौनक लौट आएगी। मेयर के पदभार संभालने के साथ ही काॅरपोरेटरों का आना जाना शुरू होगा। उनके साथ ही वार्ड के लोग भी यहां पहुंच कर समस्याओं को हल करवाने के लिए आएंगे। वीरवार को मेयर के चुनाव होंगे। भाजपा के वरिष्ठ नेता चंद्रमोहन गुप्ता मेयर पद के प्रबल दावेदार हैं। वहीं डिप्टी मेयर के लिए भाजपा की पूर्णिमा शर्मा ने नामांकन भरा है। उनके समक्ष कांग्रेस की प्रत्याशी चरणजीत कौर हैं।

मेयर, डिप्टी मेयर चुनने के साथ ही नगर निगम में पहली बार सभी नवनिर्वाचित काॅरपोरेटर एक साथ नजर आएंगे। टाउन हाल स्थित नगर निगम के कांफ्रेंस हाल में चुनाव होने हैं। यहीं सभी कॉरपोरेटर एकत्र होंगे और मेयर, डिप्टी मेयर के लिए मतदान करेंगे। इसके साथ ही कॉरपोरेटरों का नगर निगम में आना-जाना शुरू हो जाएगा। 20 अक्टूबर को विजयी होने के बाद अभी तक कॉरपोरेटर नगर निगम में एक साथ नहीं आ पाए हैं। निगम के पास अभी तक कॉरपोरेटर के बैठने के लिए कोई जगह थी और न ही ऐसी व्यवस्था ही की गई कि कॉरपोरेटर यहां आते। मेयर चुनाव के लिए सभी कॉरपोरेटरों को आमंत्रण भेजा जा चुका है।