जम्मू-कश्मीर: 112 अलगाववादियों के 220 बच्चे विदेश में रहते हैं, यहां देखें पूरी लिस्ट

गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले दिनों राज्य सभा में कहा था कि जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी घाटी में हंगामा करते हैं जबकि उनके बच्चे विदेश में पढ़ते हैं. एक आकंड़े के मुताबिक 112 अलगाववादियों के 220 बच्चे विदेश में या तो पढ़ाई कर रहे हैं या फिर वो वहां रह रहे हैं, जिसमें हुर्रियत के भी कई नेता शामिल हैं.

गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक लगभग हर बड़े नेता के परिवार के सदस्य विदेश में रहते हैं. ये अलगाववादी नेता स्कूली बच्चों को पत्थरबाजी के लिए उकसाते हैं और स्कूलों को जबरदस्ती बंद कराते हैं. जिनके बच्चे विदेश में पढ़ते या रहते हैं इस लिस्ट को देखकर आप हैरान हो जाएंगे.

>तहरीक-ए-हुर्रियत के चेयरमैन अशरफ सेहराई के 2 बेटे खालिद और आबिद अशरफ सऊदी अरब में काम करते हैं और वहीं बसे हैं.
>जमात-ए-इस्लामी के सदर गुलाम मुहम्मद बट का बेटा सऊदी अरब में डॉक्टर है.

> दुख्तरान-ए-मिल्लत की आसिया अंद्राबी के 2 बेटे विदेश में पढ़ते हैं. उनका बेटा मुहम्मद बिन कासिम मलयेशिया और अहमद बिन कासिम ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई करता है.
> सैयद अली शाह गिलानी के बेटे नीलम गिलानी ने पाकिस्तान में एमबीबीएस की पढ़ाई की है.
>हुर्रियत के नेता मीरवाइज उमर फारूक की बहन राबिया फारूक अमेरिका में डॉक्टर हैं और वो वहीं रहती हैं.
>बिलाल लोन के बेटी-दामाद ब्रिटेन में रहते हैं हैं और उनकी छोटी बेटी ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई कर रही है.
> अलगाववादी मोहम्मद शफी रेशी का बेटा अमेरिका से पीएचडी कर रहा है.
> अशरफ लाया की बेटी पाकिस्तान में मेडिकल की पढ़ाई कर रही है.
>मुस्लिम लीग के नेता मुहम्मद युसूफ मीर और फारूक गपतुरी की बेटियां भी पाकिस्तान में मेडिकल की पढ़ाई कर रही हैं.
>इसी तरह डेमोक्रैटिक मूवमेंट लीडर ख्वाजा फरदौस वानी की बेटी भी पाकिस्तान में मेडिकल कोर्स कर रही है.
>वहीदत-ए-इस्लामी नेता निसार हुसैन राठेर की बेटी ईरान में काम करती है और अपने पति के साथ वही पर सेटल है.