जम्मू-कश्मीर: 921 मेडिकल ऑफिसर नियुक्त, तीन माह के रिकार्ड समय में डाक्टरों का चयन

जम्मू-कश्मीर के ग्रामीण व दूरदराज क्षेत्रों में डाक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए 921 मेडिकल आफिसर (एमओ) की नियुक्तियां की गई हैं। फास्ट ट्रैक पर हुई इन नियुक्तियों के लिए स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से आदेश जारी किए गए हैं।

संबंधित एसआरओ के तहत तीन माह के रिकार्ड समय में इन डाक्टरों की नियुक्तियां की गई हैं। राज्यपाल सत्यपाल मलिक, राज्यपाल के सलाहकार के. विजय कुमार और मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने नव नियुक्त चिकित्सा अधिकारियों को शुभकामनाएं दी हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग को चयन करने के लिए मेडिकल आफिसरों के एक हजार रिक्तियों को संदर्भित किया था। लिखित परीक्षा के बाद आयोग ने 921 उम्मीदवारों को चिकित्सा अधिकारियों के रूप में चयन करने की सिफारिश की। इसमें 35 को जिला अनंतनाग, बांदीपोरा में 18, बारामुला में 58, बडगाम में 28, डोडा में 119, गांदरबल में 33, जम्मू में 32, कारगिल में 52, कठुआ में 84, किश्तवाड़ में 46, कुपवाड़ा में 62, कुलगाम में 30, लेह में 33, पुलवामा में 27, पुंछ में 81, रामबन में 56, राजोरी में 57, रियासी में 16, सांबा में 08, शोपियां में 15 और उधमपुर में 41 मेडिकल आफिसरों को नियुक्त किया गया है। इनमें से विशेषज्ञता वाले 185 चिकित्सा अधिकारी शामिल हैं।

सरकारी आदेश के अनुसार मेडिकल आफिसर 21 दिन की अवधि के भीतर संबंधित डीडीओ को रिपोर्ट देंगे। रिपोर्ट नहीं करने के मामले में बिना किसी नोटिस के नियुक्ति रद्द करने का प्रावधान रहेगा।

चिकित्सा अधिकारियों को जिला स्तर पर दिए जाने वाले प्रेरण प्रशिक्षण से गुजरना होगा, जिसकी देखरेख राज्यपाल के सलाहकार के. विजय कुमार और प्रमुख सचिव एचएंडएमई अटल डुल्लू करेंगे। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग ने 37 उम्मीदवारों की सिफारिशों को रद्द कर दिया है।