जम्मू-कश्मीर में फिर होगा नेशनल कांफ्रेंस का राज: फारूक

जम्मू-कश्मीर में निकट भविष्य में होने वाले विधानसभा चुनावों में नेशनल कांफ्रेंस पूर्ण बहुमत हासिल कर अपने दम पर सरकार बनाएगी। उसे किसी अन्य राजनीतिक पार्टी से समर्थन जुटाना नहीं पड़ेगा। जिस दिन जम्मू-कश्मीर में हमारी सरकार आएगी उसी दिन हम राज्यपाल सत्यपाल मलिक द्वारा लिए गए फैसलों की समीक्षा कर राज्यहित के खिलाफ लिए गए फैसलों को बदल देंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ फारूक अब्दुल्ला ने यह बात दैनिक जारगण के साथ हुई विशेष बातचीत में कही। वह कटड़ा में निजी शोरूम के उदघाटन समारोह में पहुंचे थे। सत्ता में आने के बाद पार्टी की ओर से राज्य का मुख्यमंत्री कौन होगा इस पर डॉ अब्दुल्ला ने कहा कि यह फैसला पार्टी करेगी। पार्टी इसकी जिम्मेदारी किसकों देती है, यह बाद में तय किया जाएगा। अलबत्ता उन्होंने यह स्पष्ट किया कि हर बार की तरह उनकी पार्टी स्वायत्तता के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी। जब उनसे कहा गया कि केंद्र सरकार पहले ही स्वायत्तता की मांग को ठुकरा चुकी है तो इस पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की स्वायत्तता का फैसला केंद्र नहीं बल्कि यहां की जनता करेगी। जम्मू-कश्मीर में स्वायत्तता के मुद्दे पर नेशनल कॉन्फ्रेंस कभी समझौता नहीं करेगी।

हम राम मंदिर के खिलाफ नहीं हैं। राम विश्व के हैं, सभी के हैं। नेशनल कांफ्रेंस कभी राम मंदिर के खिलाफ नहीं है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है। जो फैसला आएगा सभी की तरह उन्हें भी मान्य होगा। वह केवल इस मुद्दे पर हो रही राजनीति के खिलाफ हैं। यह झगड़ा देश को बर्बाद कर रहा है। राम के नाम पर वोट मांगे जा रहे हैं। वोट न तो अल्लाह को चाहिए और न ही राम को। धर्म-जाति के नाम पर वोट मांगने वाले राजनीतिज्ञों को सत्ता के लालच को छोड़ देश की मजबूती, लोगों की बेहतरी के लिए आगे आना चाहिए। वोट केवल अपने उद्देश्य, किए गए कार्यों के आधार पर मांगे जाने चाहिए।