जम्मू कश्मीरः युवाओं के लिए मददगार बनी आर्मी, भर्ती के लिए दे रही स्पेशल ट्रेनिंग

जम्मू-कश्मीर में आज देखा जाये तो सीमावर्ती क्षेत्रों में लोग आये दिन परेशां हैं जहाँ पाकिस्तान की और से गोलाबारी का शिकार होना पड़ता है और कश्मीर की यदि बात की जाये तो वहां पर युवा आतंकवादी गतिवादियों में शामिल हो रहे हैं। लेकिन दूसरी और भारतीय सेना जम्मू-कश्मीर के युवाओं के लिए मददगार साबित हो रही है।

एक तरफ सेना सीमाओं की रक्षा कर रही है और कश्मीर में आतंकवाद से लड़ रही है और दूसरी और सेना युवाओं को सेना में भर्ती होने के गुण सिखा रही है की किस तरह से युवा देश की सेवा करने और अपने देश का नाम रोशन करें। ऐसी  ही मिसाल जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले की मेंढर सब डिविजन में देखने को मिली मेंढर में भारत पाक नियंत्रण रेखा के साथ सटे  इलाकों से युवाओं को सेना की रोमिओ फ़ोर्स ने सेना में भर्ती होने की ट्रेनिंग दी जहां युवाओं को एक माह तक सेना ने दोड़,परीक्षा व अन्य स्वस्थ्य की जानकारी दी जिस में सेना की कश्मीर में एक भर्ती हुई वहां पर एक सीमावर्ती क्षेत्र सागरा का एक युवा सेलेक्ट हो गया जिसे जम्मू कश्मीर लाइट इन्फेंट्री में ले लिए गया जिस का नाम है नबील असगर।

नाबिल असगर ने बात करते हुए कहा की सेना ने हमारी मदद की और मुझे सेना में भर्ती होने के लिए परीक्षण दिया और आज में सेना में भर्ती हो गया मेने यह सोचा कर सेना में गया हूँ की जिस तरह से मेरे इलाके के वीर योद्य शहीद औरंगजेब ने अपनी शहादत पाई में भी अपने देश की सेवा इसी प्रकार करना चाहता हूँ और में एनी युवाओं को यह सन्देश देना चाहता हूँ की आप भ सामने आये सेना से मदद ले और आर्मी में जा कर अपने देश की सेवा करें और अपने माँ बाप सहित देश का नाम रोशन करे।