अब माता वैष्णो देवी भवन पर भी श्रद्धालुओं को परोसा जाएगा लंगर

श्री माता वैष्णो देवी का शुमार भारत के अमीर धार्मिक स्थलों में होता है। यहां देश से ही नहीं बल्कि विश्व भर से हजारों श्रद्धालु माता के दर्शनों को आते हैं। श्रद्धालुओं की यह संख्या सालाना 80 लाख से एक करोड़ के लगभग पहुंच जाती है। जल्द ही वैष्णो देवी भवन पर इन भक्तों को प्रसाद के रूप में निशुल्क भोजन मिलेगा। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड जल्द ही इन भक्तों के लिए भवन में निशुल्क लंगर सुविधा शुरू करने जा रहा है। लंगर घर बनाने के लिए भवन के आसपास उचित भूमि की तलाश की जा रही है।

दरअसल श्रद्धालुओं को अकसर यह बात खलती थी कि करोड़ों का सालाना चढ़ावा एकत्र करने वाला श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क लंगर की व्यवस्था भी नहीं कर पाया है। ऐसे तो बोर्ड के खोते में अनेक सराहनीय कार्य गिनवाए जा सकते हैं परंतु यह कड़वा सच है कि बोर्ड यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क भोजन का प्रबंध करने में विफल साबित हुआ है। श्री माता वैष्णो देवी पहुंचने वाले सैकड़ों श्रद्धालुओं में निम्न और मध्यम वर्ग के लोग भी शामिल होते हैं।

हिमाचल सरकार द्वारा नियंत्रित प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों जिनमें श्री माता चिंतपूर्णी न्यास, श्री माता नैयना देवी, माता ज्वाला जी आदि मंदिर न्यास के अलावा बाबा बालक नाथ मंदिर में देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए लंगर सुविधा है। इसके अलावा दक्षिण भारत में स्थित तिरुपति बाला जी न्यास में भी प्रतिदिन तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं को निशुल्क भोजन परोसा जाता है।