J&K: कश्मीर में मरीजों को 91 रूपये में नानवेज, जम्मू में 134 रूपये में दाल

आपको यह जानकार हैरानगी होगी कि शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट में मात्र 91 रुपयों में मरीजों को नानवेज खाना दिया जाता है। वहीं जम्मू में मरीजों को 134 रुपये में सिर्फ दाल ही दी जाती है। यही नहीं जम्मू के अस्पतालों में उपचाराधीन मरीजों को सुबह के नाश्ते से लेकर रात के खाने तक सही खाना नहीं दिया जाता। यह खुलासा सूचना अधिकार से मिली जानकारी में हुआ है।

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार एक ही राज्य में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा व पोष्टिक आहार उपलब्ध कराने के नाम पर अलग-अलग ट्रीटमेंट दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य प्रबंधन को है पूरी जानकारी

शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल सांइसेस में सुबह के नाश्ते से लेकर रात के खाने तक में हर दिन एक मरीज पर 91 रुपये खर्च किए जाते हैं। इसमें सुबह के नाश्ते में एक कप चाय, दो ब्रेड के पीस और एक उबला हुआ अंडा शामिल है। वहीं दोपहर के खाने में चावल, चिकन, साग, शाम को चाय के साथ दो ब्रेड के पीस और रात को खाने में चावल, कड़ी, चिकन, सब्जी दी जाती है। सप्ताह में पांच दिन ऐसा ही खाना दिया जाता है। वहीं मेडिकल कालेज जम्मू में ठीक इसके उल्टा काम हो रहा है। यहां पर एक दिन में एक मरीज पर 134 रुपये खर्च किए जाते हैं। मगर मरीजों को खाने में दाल और सब्जी दी जाती है। जम्मू में मेडिकल कालेज, एसएमजीएस और मनोरोग अस्पताल में सुबह नाश्ते में चार ब्रेड के पीस सब्जी के साथ दिए जाते हैं। दोपहर के खाने में पांच चपाती, एक चावल की प्लेट, दाल और सब्जी दी जाती है। रात के खाने में सप्ताह के दो दिन मिक्स दाल, पनीर कड़ी, चावल और चार चपाती दी जाती हैं। इसी तरह रात के खाने में सप्ताह में एक दिन न्यूट्री कड़ी दी जाती है। जम्मू के किसी भी अस्पताल में शाम के समय मरीजों को चाय नहीं दी जाती है। स्वास्थ्य प्रबंधन को इसकी पूरी जानकारी है परंतु मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए कोई गंभीरता नहीं दिखाता।

यह होना चाहिए खाने में

टेंडर के अनुसार मरीज को बिना पकाए 69 ग्राम चावल, बिना बनी सब्जी 75 ग्राम, दाल 50 ग्राम और पनीर 50 ग्राम।

अस्पताल प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप

आरटीआई कार्यकर्ता बलविंद्र सिंह ने जम्मू के अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर के मनोरोग अस्पताल में शाकाहारी भोजन मात्र 93.50 रुपयों में दिया जाता है लेकिन जम्मू में पचास प्रतिशत अधिक दाम पर खाना दिया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन मरीजों को दिए जाने वाले खाने की सही निगरानी नहीं करते हैं। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि मरीजों को अस्पताल के बरामदे में खाना दिया जाता है। इससे जिनके साथ तीमारदार नहीं होते, उन्हें खाना ही नहीं मिलता। जो खाना वितरित करते हैं, वह सही ड्रेस में नहीं होते। यही नहीं एक जैसा खाना ही सभी मरीजों को दिया जाता हे। चाहे वह मधुमेह से पीड़ित हो या फिर उच्च ब्लड प्रेशर। उन्होंने कहा कि टेंडर में अंडे और चिकन देने का भी जिक्र है, मगर नहीं दिया जाता। उन्होंने राज्यपाल से करोड़ों रुपयों के इस घोटाले की जांच करवाने की मांग की।