45 घंटे बाद खुला राष्ट्रीय राजमार्ग, रामबन में फंसे वाहनों को पहले जाने की मिली अनुमति

रामबन के डिगडोल में पस्सी गिरने से बुधवार की शाम करीब आठ बजे बंद हुए राष्ट्रीय राजमार्ग को दो दिन के बाद शुक्रवार शाम को खोलने में कामयाबी मिली। इस बीच राजमार्ग करीब 45 घंटे बंद रहा। राजमार्ग के खुलने के बाद पुलिस ने सबसे पहले रामबन के आसपास रोके गए वाहनों को घाटी की तरफ रवाना किया। इसके अलावा उधमपुर में भेड़ बकरियों को पहाड़ी क्षेत्र की तरफ ले जा रहे ट्रकों को छोड़ा गया। वाहनों को छोड़े जाने के बाद रामबन व चंद्रकोट में जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई।

गौरतलब है कि बुधवार रात को डिगडोल में पस्सी गिरने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया था। राजमार्ग के बंद होने के बाद उधमपुर व रामबन में करीब तीन हजार वाहन फंस गए थे। रामबन व उधमपुर में फंसे यात्रियों ने वीरवार को दिन भर राजमार्ग के खुलने का इंतजार किया था, लेकिन राजमार्ग को खोलने में कामयाबी नहीं मिली थी। शुक्रवार को तड़के ही राजमार्ग को खोलने का काम शुरू कर दिया गया था। दिन भर मशक्कत करने के बाद पुलिस को शाम करीब साढ़े चार बजे राजमार्ग को खोलने में कामयाबी मिली। राजमार्ग के खुलने पर पुलिस ने सबसे पहले रामबन के आसपास फंसे वाहनों को घाटी व जम्मू की तरफ रवाना किया। वहीं उधमपुर से केवल भेड़ बकरियों को लेकर जा रहे वाहनों को आगे जाने की अनुमति मिली। जब राजमार्ग पर वाहन चलना शुरू हुए तो देखते ही देखते जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। रामबन, चंद्रकोट, नाशरी के आसपास बहुत ज्यादा जाम की स्थिति बन चुकी थी। वाहन रेंग-रेंग कर आगे की तरफ बढ़ रहे थे। पुलिस की तरफ से जाम को खुलवाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा था।

वहीं उधमपुर में रोके गए यात्री वाहनों व ट्रकों को शुक्रवार को भी आगे की तरफ जाने की अनुमति नहीं मिली। दिन भर यात्री व चालक आगे जाने की अनुमति मिलने का इंतजार करते रहे। तेज धूप में गर्मी के कारण यात्रियों व चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पुलिस का कहना है कि अभी इन वाहनों को आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। उच्च अधिकारियों से अनुमति मिलने पर शुक्रवार रात या शनिवार सुबह इनको छोड़ा जा सकता है।