जम्मू में तीसरे दिन भी कर्फ्यू, संवेदनशील इलाकों में सेना का फ्लैग मार्च

जम्मू में रविवार को बिना किसी ढील के लगातार तीसरे दिन भी कर्फ्यू जारी रहा. वहीं, सेना ने संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्ग किया. अधिकारियों ने बताया कि वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने शहर में सामान्य हालात की बहाली के लिए प्रतिष्ठित लोगों के साथ लंबी बैठक की. कर्फ्यू वाले इलाकों में सेना की टुकड़ियों ने फ्लैग मार्च किया. कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए कई लोगों को एहतियाती तौर पर हिरासत में लिया गया है.

बृहस्पतिवार को पुलवामा जिले में CRPF के काफिले पर हुए आतंकी हमले के खिलाफ जम्मू में शुक्रवार को पाकिस्तान विरोधी प्रदर्शन और हिंसा की छिटपुट घटनाएं हुईं थीं, जिसके चलते शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया था. आतंकी हमले में CRPF के 40 जवान शहीद हुए थे.

जम्मू के पुलिस महानिरीक्षक एमके सिन्हा ने कहा, ‘शहर में कर्फ्यू जारी है और रात या आज सुबह किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है.’ उन्होंने कहा कि शनिवार को कुछ स्थानों पर हल्के पथराव की घटनाओं की खबरें मिलीं, लेकिन कुल मिलाकर स्थिति नियंत्रण में है.

सिन्हा ने कहा, ‘स्थिति पर नजर रखी जा रही है और स्थिति की नए सिरे से समीक्षा करने के बाद, दिन में कर्फ्यू में ढील पर फैसला किया जाएगा.’

उनके साथ जम्मू के मंडलायुक्त संजीव कुमार वर्मा और जम्मू के जिला विकास आयुक्त रमेश कुमार ने शनिवार शाम विभिन्न धर्मों के प्रतिष्ठित नागरिकों के साथ लंबी बैठक की. अधिकारियों ने उनसे शहर में सामान्य हालात बहाल करने में भूमिका निभाने की अपील की. साथ में यह भी अनुरोध किया कि वे साम्प्रदायिक आधार पर लोगों को विभाजित करने वाले तत्वों के नापाक मंसूबे नाकाम करें.

पुलिस महानिरीक्षक ने बैठक में कहा, ‘राष्ट्र विरोधी तत्वों का लोगों को विभाजित करने का मंसूबा है. वे आतंकी घटना को सांप्रदायिक घटना में बदलना चाहते हैं. हमें एकजुट खड़े रहने की जरूरत है और उनके दुष्प्रचार का शिकार नहीं बनना चाहिए.’ उन्होंने कहा कि CRPF के काफिले पर हुए आतंकी हमले को गहराई से देखने की जरूरत है.

 

सिन्हा ने कहा कि देश विरोधी तत्व हमारे जवानों पर हमले के जरिए हमारे समाज को बांटना चाहते हैं. उन्होंने बैठक में आए लोगों से कहा कि वे हिंसा से दूर रहने के लिए युवाओं का मार्गदर्शन करें और उन लोगों को पकड़ने के लिए प्रशासन की मदद करें जो क्षेत्र में शांतिपूर्ण माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं.

अधिकारियों ने बताया कि सेना की टाइगर डिवीज़न की 18 टुकड़ियों को व्हाइट नाइट कोर से हवाई सहयोग के साथ तैनात किया गया है. ये टुकड़ियां गुज्जर नगर, जानीपुर, शहीदी चौक, तालाब खटिका, सिधरा और अन्य संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं. शुक्रवार को नौ टुकड़ियां तैनात की गई थीं. स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन की मांग के बाद शनिवार को नौ और टुकड़ियों को तैनात किया गया.

एक रक्षा प्रवक्ता ने कहा, ‘स्थिति पर निगरानी रखने के लिए हेलीकॉप्टरों और यूएवी को भी अभियान में शामिल किया गया है. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस, प्रशासन और भारतीय सेना ने संयुक्त रूप से अग्र-सक्रिय दृष्टिकोण अपनाया.’

अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को शहर के जानीपुर और न्यू प्लॉट सहित कुछ इलाकों में कर्फ्यू की अवहेलना करने का प्रयास करने के कारण दर्जनों लोगों को एहतियाती तौर पर हिरासत में ले लिया गया. उन्होंने कहा, ‘पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और स्थिति को नियंत्रण में कर लिया.’

शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए शनिवार रात जम्मू क्षेत्र के लगभग सभी जिला मुख्यालयों से शांतिपूर्ण कैंडल मार्च की खबरें आईं.