नेकां की बैठक में शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त, जम्मू ने हमेशा भाईचारा बनाए रखा:फारूक

जम्मू-कश्मीर में नेकां की प्रांतीय स्तर की बैठक में पुलवामा आतंकी हमले की कड़ी भर्त्सना करते हुए जम्मूवासियों से सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारा बनाए रखने की अपील की गई। बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर शहीदों के परिवारवालों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई।

पार्टी अध्यक्ष व सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू में हिंसा की घटना नहीं होनी चाहिए थी। जम्मू ने हमेशा भाईचारे को कायम रखा है। 1947 के विभाजन के बाद महात्मा गांधी ने एक नई रोशनी दिखाई थी।

दुनिया गवाह है कि 1990 में बिगड़े हालात के बाद जम्मू वासियों ने अपनी बांहें खोलकर घाटी के लोगों को अपने दिलों में बसाया था। उन्होंने कहा कि कुछ शरारती तत्व विभाजन की नीति अपनाकर लोगों को बांटने और तोड़ने का काम कर रहे हैं। बैठक में मो. शफी उड़ी, अब्दुल रहीम राथर, डा. शेख मुस्तफा, देवेंद्र सिंह राणा, अजय कुमार सडोत्रा, सुरजीत सिंह सलाथिया, सईद मुश्ताक अहमद शाह बुखारी आदि मौजूद रहे।

शरारती तत्वों से सचेत रहें
नेकां के कश्मीर के प्रांतीय अध्यक्ष नासिर असलम वानी ने जम्मू में शरारती तत्वों द्वारा माहौल बिगाड़ने की निंदा की है। उन्होंने कहा कि लोगों को शरारती तत्वों से सचेत रहना चाहिए। उन्होंने राज्यपाल से मांग की कि जम्मू में हिंसा और तोड़फोड़ में कश्मीरी निवासियों को हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए।