15 देशों के राजनयिकों ने जाना कश्मीरी पंडितों के विस्थापन का दर्द, जम्मू में विभिन्न संगठनों से मुलाकात भी की

अनुच्छेद 370 हटने के बाद हालात का जायजा लेने पहली बार आए अमेरिका समेत 15 देशों के राजनयिक कल ही श्रीनगर के बाद जम्मू को टटोलने के लिए यहां पहुंच गया था। दल के सदस्यों ने आज सुबह जम्मू के विभिन्न सामाजिक संगठनों से बैठक कर यहां के लोगों के मुद्दों को भी सुना। संगठनों के नेताओं ने राजनयिकों को बताया कि जम्मू-कश्मीर में रही पूर्ववर्ती सरकारों ने किस तरह जम्मू से भेदभाव किया है। जम्मू के लोगों के हितों को नजरअंदाज कर कश्मीर के विकास पर अधिक जोर दिया गया। स्थिति यह है कि कश्मीर केंद्रित राजनीतिक दलों की स्वार्थी राजनीति के कारण आतंकवाद को बढ़ावा मिला। जिसका खामियाजा जम्मू वासियों काे भी भुगतना पड़ रहा है।
प्रतिनिधियों से मुलाकात करने के बाद राजनयिक जगटी टाउनशिप में रह रहे विस्थापित कश्मीरी पंडितों के बीच गए और उनका हाल जाना। पिछले 28 सालों से विस्थापन का दंश झेल रहे कश्मीरी पंडितों ने राजनयिकों से उनके साथ हुए भेदभाव से अवगत कराया और उन्हें किन परिस्थितियों में कश्मीर छोड़ने को मजबूर किया गया, अपनी व्यथा भी सुनाई। कश्मीरी पंडितों की पीड़ा के भाव उनके चेहरे पर देख राजनयिक भी भावुक हो गए।