नए कश्मीर के हालात देखकर जम्मू पहुंचे 25 विदेशी राजनयिक, मुलाकातों का दौर जारी

जम्मू-कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचा राजनयिकों का दल आज यानी कि गुरुवार को जम्मू पहुंच चुका है। दल के सदस्यों ने जम्मू में सैन्य अधिकारियों से मुलाकात की। साथ ही घाटी व जम्मू संभाग के हालात के बारे में जायजा लिया है। वहीं राजनयिक प्रतिनिधिमंडलों के अलावा स्थानीय अधिकारियों से मुलाकात कर हालात समझेंगे। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद की स्थितियों की वास्तविकता का जायजा लेने के लिए विदेशी राजनयिकों का एक और प्रतिनिधिमंडल बुधवार को कश्मीर पहुंचा था।
दो दिनों की यात्रा पर आए दल में यूरोपीय संघ, दक्षिणी अमेरिका के साथ साथ खाड़ी देशों के 25 राजनयिक शामिल हैं। तय कार्यक्रम के मुताबिक राजनयिकों को बारामुला भी जाना था परंतु मौसम खराब होने के कारण उन्होंने डल झील में शिकारे की सैर की। दोपहर बाद प्रतिनिधियों ने यहां के व्यापारियों और उद्यमियों के साथ हालात पर चर्चा की। अधिकृत तौर पर विदेशी राजनयिकों का यह दूसरा दौरा है।

राजनयिकों का दल बुधवार सुबह करीब ग्यारह बजे श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा। कड़ी सुरक्षा में उन्हें डल झील किनारे स्थित ग्रैंड ललित होटल पहुंचाया गया। कुछ देर तक वहां रुकने के बाद काफिला होटल से निकला और डल झील पहुंच गया। वहां सभी ने शिकारे की सैर की। वहां से होटल लौटने के बाद देर शाम राजनयिकों से घाटी के 30 से 40 प्रतिनिधिमंडलों ने मुलाकात की।

इन प्रतिनिधिमंडलों में 125 से अधिक लोग शामिल थे। इनमें कश्मीर के स्थानीय व्यापारी, ट्रेड यूनियन नेता, ट्रांसपोर्टर, विद्यार्थी, सिविल सोसाइटी के सदस्य और पत्रकार शामिल रहे। मुलाकात का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा।

दल में यूरोपीय यूनियन के 12 (जर्मनी, आस्ट्रिया, नीदरलैंड, इटली, हंगरी, चेक रिपब्लिक, बुल्गारिया), अफगानिस्तान, मैक्सिको, कनाडा, डोमनिकन रिपब्लिक, न्यूजीलैंड, किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान, तजाकिस्तान, यूगांडा और रवांडा के प्रतिनिधि शामिल हैं।