जम्मू-कश्मीर: अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए 4802 उद्योगों को सशर्त चलाने की अनुमति

कोरोना वायरस को लेकर देश के नाम अपने पांचवें संबोधन में पीएम नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन के चौथे चरण का एलान किया. उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी 18 मई से पहले दी जाएगी. इसी के साथ जम्मू कश्मीर उद्योग विभाग ने भी प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कई बड़े कदम उठाये हैं. लॉकडाउन के बावजूद जम्मू कश्मीर उद्योग विभाग ने प्रदेश में 4802 उद्योगों को सशर्त चलने की अनुमति दे दी है.

जम्मू कश्मीर प्रशासन की मानें तो मार्च महीने में घोषित लॉकडाउन के कारण प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों पर खासा असर पड़ा है, जिसको कम करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं. उद्योग विभाग के आयुक्त सचिव मनोज कुमार दिवेदी ने कहा कि उद्योग किसी भी अर्थव्यवस्था की रीड की हड्डी होता है और मौजूदा हालातों में उद्योगों को जारी रखना किसी चुनौती से कम नहीं है. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान ज़रूरी सामान, दवाइयों और मास्क्स की सप्लाई को जारी रखना भी एक चुनौती थी.

प्रदेश उद्योग विभाग की निर्देशक अनु मल्होत्रा के मुताबिक विभाग प्रदेश में उत्पादन में लगे उद्योगों के लिए परेशानी मुक्त ऑपरेशन्स के लिए काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में काम कर रहे सभी उद्योगों को उत्पादन की इजाज़त दी गयी है जिससे न केवल अर्थव्यवस्था को मज़बूती मिलेगी बल्कि मज़दूरों का विस्थापन भी रुक जायेगा. उन्होंने कहा कि फिलहाल प्रदेश में 4802 उद्योग – जिनमें जम्मू में 2727 और कश्मीर में 2075 उद्योगों को काम करने की इजाज़त दे दी है. उन्होंने कहा कि सरकार ने जिन शर्तो पर उद्योगों को उत्पादन करने की अनुमति दी है उनमे सोशल डिस्टेंसिंग, 30 प्रतिशत कर्मचारियों की हाज़िरी, मास्क और सैनिटाईज़र का इस्तेमाल शामिल है.