जम्मू-कश्मीर में पुलिस मेडल के नाम से ‘शेर-ए-कश्मीर’ हटा

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने अदम्य वीरता के लिए दिए जाए वाले शेर-ए-कश्मीर पुलिस मेडल का नाम बदलकर जम्मू-कश्मीर पुलिस मेडल कर दिया है। साथ ही शेर-ए-कश्मीर मेडल फॉर मेरिटॉरियस सर्विस का नाम बदलकर जम्मू ऐंड कश्मीर पुलिस मेडल फॉर मेरिटॉरियस सर्विस कर दिया गया। इस फैसले को सूबे की सियासत से भी देखकर जोड़ा जा रहा है।

दरअसल, नैशनल कॉन्फ्रेंस के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री शेख अब्दुल्ला को उनके समर्थक ‘शेर-ए-कश्मीर’ नाम से बुलाते थे। यह उपाधि शेख अब्दुल्ला की सबसे लोकप्रिय उपाधि थी और आम लोगों के बीच भी वह ज्यादातर इसी नाम से जाने जाते थे। ‘शेर-ए-कश्मीर’ के नाम पर राज्य भर में कई अस्पताल, स्टेडियम, सड़कें व कई अन्य इमारतें हैं। ऐसे में सरकार के ताजा फैसले के बाद इस पर सियासी हंगामा मचना तय है।

126 पुलिसवालों को अदम्य साहस के लिए पदक
इससे पहले जम्मू-कश्मीर के 126 पुलिसवालों को अदम्य साहस के लिए प्रेजिडेंट मेडल और अन्य अवॉर्ड देने का ऐलान किया गया। इनमें तीन पुलिसवालों को प्रेजिडेंट मेडल फॉर डिस्टिंगुइशेड सर्विस और 16 को प्रेजिडेंट पुलिस मेडल फॉर मेरिटॉरियस सर्विस सम्मान देने की घोषणा की गई। इन पुलिसवालों को गणतंत्र दिवस पर ये अवॉर्ड दिए जाएंगे।