ट्रांसपोर्ट यूनियन ने दी हड़ताल की चेतावनी, 15 साल पुरानी बसों पर रोक का कर रहे विरोध

15 वर्ष पुरानी यात्री बसों के यात्रियों के आवाजाही करने पर रोक लगाने, रजिस्ट्रेशन फीस बढ़ाने व अन्य लंबित मांगों को लेकर अब उधमपुर के ट्रांसपोर्टर्स को हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ेगा। 27 नवंबर तक अगर सरकार ट्रांसपोर्टर्स को अगर राहत नहीं प्रदान करती है तो 28 नवंबर वीरवार से पूरे जिले में चक्का जाम कर दिया जाएगा। पूरे जिले में एक भी यात्री वाहन नहीं चलेगा। यह बातें मेटाडोर यूनियन के डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन दर्शन सिंह ने कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कही। दर्शन सिंह ने बताया कि पिछले दिनों सरकार ने आदेश जारी किया है 15 वर्ष पुरानी बसों को अब परमिट जारी नहीं किया जाएगा। अब 15 वर्ष पुरानी बसों की आवाजाही पूरी तरह से रोक लगा दी है। सरकार का यह निर्णय पूरी तरह से गलत है। लाखों रुपये खर्च कर बसों को खरीदा गया है। अभी तक बसों के मालिक इसको खरीदने के लिए उठाए गए लोन की किश्त जमा करवा रहे हैं। ऐसे में इस पर रोक लगाना पूरी तरह से गलत है। 

वहीं अब सूचना मिल रही है कि सरकार मेटाडोर पर भी इसी तरह से रोक लगाने की तैयारी कर रही है। इस निर्णय को किसी कीमत पर भी नहीं माना जाएगा, क्योंकि मेटाडोर हर रोज चंद किलोमीटर का ही सफर तय करती है। उन्होंने बताया कि सरकार ने वाहन की रजिस्ट्रेशन की फीस में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी कर दी है। वाहन की रजिस्ट्रेशन के वाहन की कीमत की नौ प्रतिशत राशि देनी पड़ रही है। पहले ही यात्री वाहन कर्ज देकर खरीदा जाता है और रजिस्ट्रेशन फीस में बढ़ोतरी कर ट्रांसपोर्टर्स की कम तोड़ने का प्रयास किया गया है।