Jammu: 2000 रुपये के लिए कर दिया था नानी का कत्ल

अनिरुद्ध अपहरणकांड के मास्टरमाइंड संजय ने महज 17 साल की उम्र में 2000 रुपये और बूढ़ी नानी का मंगल सूत्र चुराने के लिए गला रेत कर उन्हें मार दिया था। संजय ने 9 जनवरी 2014 को शहर के बाहरी इलाके रत्नूचक के भद्रवाही मोहल्ले में कत्ल को अंजाम दिया था।

संजय बचपन से ही शातिर था। उसकी नजर नानी के पैसों और गहनों पर थी। नानी बसंती देवी पत्नी मंगतराम मूलत: डोडा की रहने वाली थी, जो उस समय भद्रवाही मोहल्ले में एक झोपड़ी में रहती थी। जब संजय ने हत्या को अंजाम दिया, तो उस समय बसंती देवी का बेटा और बहू दिहाड़ी लगाने के लिए घर से बाहर गए हुए थे। पोता भी घर से बाहर गया हुआ था। केस के मुताबिक धेवता संजय भी नानी के साथ ही रहता था। हत्या से पहले उसने नानी को चाय बनाकर पिलाई थी। चाय में नमक डालने के लिए वह रसोई घर में गया और वहां से चाकू ले आया। इसके बाद उसने अपनी नानी का गला रेत कर हत्या कर दी। संजय घर में पड़े 2000 रुपये, बूढ़ी नानी का मंगलसूत्र और अन्य गहने लेकर भाग गया। भागते समय वह कमरे में बाहर से ताला लगा गया, ताकि किसी को शक न हो। उसने ताले की चाबी को तेली बस्ती नाले में फेंक दिया था। दोपहर में पोता घर आया तो कमरे के बाहर ताला लटका देख उसे कुछ शक हुआ। उसने तुरंत पुलिस को सूचित किया। तत्कालीन एसएसपी जम्मू अतुल गोयल के नेतृत्व में गंग्याल के तत्कालीन एसएचओ जसबीर सिंह ने मामले को सुलझा लिया। 28 फरवरी 2014 को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने संजय को बाल सुधार गृह भेज दिया। बाल सुधार गृह से 12 जून 2016 को संजय भाग निकला, लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। संजय पर लूटपाट और चोरी के कई पुलिस स्टेशनों में केस दर्ज हैं।