जम्मू-कश्मीर में इस साल भी नहीं सुधरेगा सरकारी स्कूलों का वार्षिक परीक्षा परिणाम

जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों का परीक्षा परिणाम इस सत्र में भी नहीं सुधरेगा।  इसे सुधारने के लिए दो माह (जनवरी व फरवरी)  के दौरान रेमेडियल क्लासेज चलाने की योजना बनाई गई थी, परंतु वर्तमान जनवरी माह खत्म होने में सिर्फ चार दिन बाकी हैं और अधिकांश स्कूलों में अभी तक कोई कार्य योजना जमीन पर उतरती नहीं दिखाई दे रही है।

अगर दो चार दिन में किसी तरह इन क्लासेज को शुरू भी कर दिया गया तो अपेक्षित परिणाम मिलने की कोई संभावना नहीं है। शिक्षा निदेशालय ने बच्चों को अतिरिक्त पढ़ाई करवाने के आदेश दिसंबर में दिए थे। ये क्लासेज पहली जनवरी से शुरू हो कर वार्षिक परीक्षाएं शुरू होने यानी  फरवरी माह के दूसरे सप्ताह तक चलनी थीं।

क्यों नहीं शुरू हुईं क्लासेज
नाम न छापने की शर्त पर विभिन्न स्कूलों का तर्क है कि जनवरी माह छुट्टियां होने और 26 जनवरी की तैयारियां में व्यस्त रहने के कारण अधिकांश स्कूलों में यह कक्षाएं नहीं शुरू हो पाई हैं। हालांकि कुछ स्कूलों में परीक्षाएं भी चल रही हैं।

“स्कूलों के वार्षिक परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए रेमेडियल क्लासेज लगाने को कहा गया है। जिन स्कूलों में ये कक्षाएं नहीं लग रही हैं, उनकी जानकारी मांगी गई है।  उन पर कार्रवाई की जाएगी।”-अनुराधा गुप्ता, निदेशक शिक्षा विभाग, जम्मू

क्या है रेमेडियल क्लास

रेमेडियल क्लास के माध्यम से छात्रों को विभिन्न विषयों के कठिन पहलुओं को समझाया जाना है। जिन विषयों का सिलेबस पूरा नहीं हो पाया है। उन्हें इन कक्षाओं में पूरा किया जाना है।