जम्मू-कश्मीर: तस्करी पर नकेल कसने के लिए सरकार ने एंटी नारकोटिक्स टास्क फाॅर्स के गठन को दी मंजूरी

जम्मू-कश्मीर में लगातार बढ़ रहे नशीले पदार्थों के कारोबार और तस्करी पर नकेल कसने के लिए प्रदेश सरकार ने एंटी नारकोटिक्स टास्क फाॅर्स के गठन को मंजूरी दी है. माना जा रहा है कि इस फाॅर्स के गठन से मादक पदार्थों की तस्करी से पैसे जुटा रहे आतंकी संगठनों से भी सख्ती से निपटा जायेगा.

बुधवार को जम्मू में उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू के नेतृत्व में हुई प्रशासनिक परिषद की बैठक में एंटी नारकोटिक्स टास्क फाॅर्स के गठन को मंजूरी मिली. जम्मू-कश्मीर पुलिस के क्राइम ब्रांच के आईजीपी इस नई फाॅर्स के मुखिया होंगे. इस फाॅर्स में शुरू में 100 अधिकारी और जवान तैनात होंगे. इस फाॅर्स में फिलहाल एक एसएसपी, दो डीएसपी, नौ इंस्पेक्टर समेत अन्य अधिकारी और जवान तैनात होंगे.

प्रदेश में कुल सब-इंस्पेक्टरों की भर्ती सीधे एंटी नारकोटिक्स टास्क फाॅर्स में होगी. वहीं जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा है कि पुलिस ने काफी समय पहले नशीले पदार्थों से जुड़े नशे के सौदागरों से निपटने के लिए इस विशेष फाॅर्स के गठन का प्रस्ताव प्रशासन को भेजा था. उपराज्यपाल का शुक्रिया करते हुए उन्होंने कहा कि इस फाॅर्स के गठन होने के बाद अब प्रदेश को नशा मुक्त बनाने में मदद मिलेगी.