जम्मू कश्मीर की लड़कियों के लिए आयडियल बन गई अज़मत

पाकिस्तान की नापाक गोलीबारी से मुतास्सिर राजौरी की रहने वाली अज़मत इन दिनों काफी चर्चा का सबब बनी हुई हैं. अज़मत अपने आस पड़ोस की लड़कियों को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग देती हैं। अज़मत की चाह है कि लड़किया मार्शल आर्ट में नेशनल और इंटरनेशनल सतह पर मुल्क का नाम रौशन करें.

अज़मत ने साल 2018 में अफ्रीका में मुनाकिद कॉमन वेल्थ गेम्स में हिस्सा लेकर मुल्क को कराटे में ब्रॉंज़ दिलाया था।अज़मत चाहती हैं कि हुकूमत राजौरी में LoC के पास वाके उनके गांव में जगह और सहूलात मुहैया करवाये ताकि अज़मत और उनके साथ प्रैक्टिस करने वाली लड़कियां अपने आप को निखार सकें।

अज़मत जब अफ्रीका से अपने मुल्क का नाम रोशन करके लौटीं तो उन्हें मुबारकबाद देने वालों की भीड़ जुट गई. सियासी लीडरान और इंतेजामियां के ऑफिसर भी उन्हें मुबारकबाद देने पहुंचे. अज़मत ने सभी से गुजारिश की कि इलाके में खेल कूद को फरोग देने के लिए इंतजाम किये जायें. जो लड़कियां मार्शल आर्ट सीखना चाहती हैं उनके लिए जगह औऱ सहूलात मुहैया करायी जाये। अज़मत का मानती हैं कि अगर सरकार अपनी जानिब से कदम उठाये और इलाके में सहूलात फराहम कराये तो यहां से और भी लड़कियां नेशनल और इंटरनेशनल सतह पर मुल्क का नाम रौशन कर सकती हैं।

अज़मत के वालिद को अपनी बेटी पर फक्र है। अज़मत के वालिद मोहम्मद इक़बाल फौज में रह चुके हैं उन्होंने अपनी बेटी को इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए समाज से लड़ाई की और अपनी बेटी की हौसला अफजाई की। आर्थिक तंगी से गुज़ रहे अज़मत के वालिद को बेटी को अफ्रीका भेजने के लिए रिश्तेदारों से कर्ज़ तक लेना पड़ा लेकिन उन्होंने बेटी को आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी ।अज़मत के वालिद का कहना है कि लड़का औऱ लड़की में फर्क किये बिना हमें अपने बच्चों के बेहतर कल की फिक्र करनी चाहिए ।

राजौरी का ये इलाका पाकिस्तान की नापाक गोलीबारी से मुतास्सिर रहता है बावजूद इसके यहां के बच्चों में गज़ब का हौंसला है अगर सरकार और इंतजामियां कोशिश करे सचमुच यहां के बच्चों को अपना मुस्तकबिल बनाने में मदद मिलेगी.