मोदी सरकार की बंकर नीति से बॉर्डर के लोग कुछ यूं दे रहे पाक आर्मी को मुंहतोड़ जवाब

जम्मू-कश्मीर की सरहदों पर पाकिस्तानी सेना ने जनवरी से लेकर नवंबर तक 2500 से ज्यादा बार सीजफायर का उल्लंघन किया है. भारतीय सेना से हर बार मुंह की खाने के बाद भी पाकिस्तानी सेना का ये दुस्साहस जारी है. पाकिस्तानी सेना हर बार शहरी ठिकानों को निशाना बनाती है. पाकिस्तान की गोलाबारी से बचने के लिए बॉर्डर के लोग सरकार द्वारा बनाए गए बंकरो में खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं.

जम्मू कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने और यहां से 370,35A जैसी धाराओं के हटने के बाद बैखलाया पाकिस्तान जम्मू के हीरानगर ,अखनूर ,सुंदरबनी ,नौशेरा, राजौरी, मेंढर ,पुंछ, उरी और कुपवाड़ा में पिछले तीन महीनों से हर रोज सीज फायर का उल्लंघन कर रहा है. कठुआ से लेकर कुपवाड़ा टंगडार तक दिन में कई बार पाकिस्तानी सेना 10 बार से भी ज्यादा बार सीज फायर का उल्लंघन कर रही है.

दुनियाभर में कश्मीरियों की हमदर्दी का दिखावा करने वाले नापाक पाकिस्तान की सेना ज्यादातर नियंत्रण रेखा के नजदीक बसे गांवों को निशाना बना रही है. भारतीय सेना से सीधी टक्कर लेने से डरती पाक सेना लोगों के घरों, बच्चों के स्कूलों को निशाना बना रही है. पाकिस्तानी गोलाबारी से बचने के लिए नियंत्रण रेखा के नजदीक बसे लोगों को पहले बार-बार अपना घर बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों को भागना पड़ता था लेकिन नियंत्रण रेखा पर अब हालत बदल गए हैं.

बॉर्डर के नजदीक रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए मोदी सरकार की बोर्डर मैनेजमेंट नीति ने लोगों में ऐसा जोश और उत्साह भर दिया है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे हो या उन्हें पढ़ाने वाले टीचर, पाकिस्तानी गोलाबारी में अपनों की मौत का गम झेल रहे गांववासी या फिर छोटे दुकानदार हर कोई पाकिस्तानी गोलाबारी से डर कर भागने की बात नहीं कर रहा बल्कि सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पाकिस्तान का मुक़ाबला करने की बात कर रहा है. लोगो में ये नया जोश, नया जज्बा आया है मोदी सरकार की बंकर नीति से.

मोदी सरकार ने पाकिस्तानी गोलाबारी की रेंज में आने वाले हर स्कूल, हर गली, गांव में लोगों की सुरक्षा के लिए बंकर बना दिए हैं. जम्मू में कठुआ से लेकर कश्मीर के कुपवाड़ा तक 14460 बंकर बनाने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए 415.73 करोड़ की राशि पिछले साल ही सरकार ने जारी कर दी थी. बॉर्डर के कई इलाकों में 90 फीसदी बंकर बन चुके हैं. इसलिए लोग अब डरने की बजाय पाकिस्तान से मुक़ाबला करने की बात करते हैं. जम्मू के राजौरी जिले से होकर 120 किलोमीटर नियंत्रण रेखा गुजरती है. पाकिस्तानी गोलाबारी से पूरी तरह सुरक्षित रहने के लिए इन इलाकों के लोग सरकार से और नए बंकर बनाने की मांग कर रहे हैं.