जम्मू में जारी हुआ आठवीं का रिजल्ट, 19397 में से 18630 बच्चों ने किया पास, लड़कियों ने मारी बाजी

जम्मू डायरेक्टरेट ऑफ स्कूल एजुकेशन की ओर से आठवीं कक्षा के वार्षिक परिणाम घोषित कर दिए गए। समर जोन के तहत आने वाले स्कूलों से जिला जम्मू में 96.05 फीसदी बच्चे पास हए हैं। जिला में 19454 छात्रों ने आठवीं कक्षा में दाखिला लिया था, जिनमें से 19397 ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 18630 बच्चों ने सफलता हासिल की है।

शुक्रवार को घोषित हुए नतीजों में लड़कों के मुकाबले लड़कियों का परिणाम बेहतर रहा है। इनमें 8746 लड़कियों और 10651 लड़के ने परीक्षा दी। जिनमें 10163 लड़के और 8467 लड़कियां पास हुई हैं। इस साल 95.42 फीसदी लड़के पास हुए, वहीं 96.81 फीसदी लड़कियां ने बाजी मारी है। डाइट जम्मू की ओर से पहली दस पोजीशन की सूची भी जारी की गई, जिसमें 747 विद्यार्थी अपना नाम दर्ज करवाने में कामयाब रहे हैं।

सरकारी स्कूल पिछड़े 
मेरिट सूची में निजी स्कूलों का दबदबा रहा तो वहीं सरकारी स्कूलों के महज 17 विद्यार्थियों ने टॉप दस में अपनी जगह पक्की की है।

जम्मू-कश्मीर में आठवीं कक्षा के परिणाम में ग्रामीण क्षेत्र की बच्चियों ने सफलता प्राप्त कर सभी को चकित कर दिया है। उनकी सफलता से अभिभावक भी काफी खुश हैं और काफी गर्व महसूस कर रहे हैं। सफलता हासिल करने के साथ ही इन विद्यार्थियों ने अपने लक्ष्य को निर्धारित कर लिया है, वे अपनी सफलता का श्रेय अभिभावकों और गुरुजनों को दे रही हैं।

आठवीं कक्षा के परिणाम में गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल सतराइयां की छात्रा आरजू ने चौथी पोजीशन हासिल की है। वह अपनी इस सफलता का श्रेय परिवार के लोगों को दे रही हैं। उनका लक्ष्य उच्च शिक्षा हासिल करना है और उसमें अव्वल रहना है।

दूसरी तरफ गवर्नमेंट हाईस्कूल डिग्याना की छात्रा पवित्री ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। वह डाक्टर बनना चाहती हैं और समाजसेवा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं देना चाहती हैं। गवर्नमेंट हाईस्कूल मजुआ, बिश्नाह की छात्रा नीलाक्षी देवी ने इस परीक्षा में आठवीं पोजीशन हासिल की है। उन्होंने डाक्टर बनकर गरीबों की सेवा करने का सपना संजोया है, जबकि इसी स्कूल की मानसी शर्मा ने पांचवीं पोजीशन हासिल की है।

मानसी का कहना है वह आईएएस बनकर देश की सेवा में अपनी भूमिका निभाएंगी। 37, मस्त गढ़ जम्मू निवासी अजय गुप्ता की पुत्री चाहत गुप्ता सेंट पीटर्स हाईस्कूल की छात्रा हैं। उन्होंने इस परीक्षा में आठवीं पोजीशन हासिल की है। चाहत गुप्ता का सपना डाक्टर बनने का है। वह अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता को देती हैं। चाहत ने बताया कि उन्हें कोई ट्यूशन नहीं, बल्कि जो सफलता प्राप्त की है उसमें उनकी मां का योगदान रहा है। उन्हें मां ने घर में पढ़ाया।