जम्मू-कश्मीर अदालत ने दो लोगों की पीएसए हिरासत रद्द की

जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय ने लोक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत हिरासत में लिए गए दो लोगों को रिहा करने का मंगलवार को आदेश दिया। अधिकारियों ने बताया कि न्यायमूर्ति अली मोहमद मागरे ने सोमवार को सोपोर के मोहम्मद अशरफ गनी और श्रीनगर के इम्तियाज पहलु की पीएसए हिरासत रद्द कर दी। उन्होंने बताया कि गनी को कथित तौर पर लकड़ी की तस्करी करने और पहलु को पत्थरबाजी में कथित संलिप्तता के मामले में पीएसए के तहत हिरासत में लिया गया था। नेशनल कॉन्फ्रेंस के संस्थापक शेख अब्दुल्ला ने 1978 में यह कानून लागू किया था, जब वह मुख्यमंत्री थे। केन्द्र सरकार के जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद अब्दुल्ला के बेटे एवं तीन बार के मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को विवादित लोक सुरक्षा कानून के तहत ही हिरासत में लिया गया था।