Coronavirus: जम्मू-कश्मीर पुलिस का दावा- हर आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए हैं तैयार

जम्मू-कश्मीर पुलिस का दावा है कि कोरोना वायरस के संक्रमण में जारी जंग में उनके पास जवानों और अधिकारियों के लिए ज़रूरी व्यक्तिगत सुरक्षा किट्स की कमी है. हालांकि, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने यह भी साफ किया है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए वो पूरी तरह तैयार है. जम्मू में मीडिया से बात करते हुए पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि मौजूदा हालातों में पुलिस के सामने बड़ी चुनौती व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए ज़रूरी किट्स (पीपी किट्स) की कमी की है. उन्होंने कहा कि पुलिस को जितने पीपी किट्स की ज़रूरत है उतने उनके पास मौजूद नहीं हैं. उन्होंने कहा कि मौजूदा हालातों में जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान की ड्यूटी क्वारंटाइन केन्द्रों पर अपनी ट्रेवल हिस्ट्री छिपा रहे लोगों को पकड़ने और कांटेक्ट का पता लगाने की है, जिससे निपटने के लिए पुलिस ने अपने स्तर पर ही गाउन और मास्क तैयार करवाए है.

उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर पुलिस ने पुलिस लाइन्स और वेलफेयर केन्द्रों में यह किट्स तैयार करवाई है लकिन इन किट्स की गुणवन्ता कितनी है यह कहना अभी मुश्किल है. उन्होंने कहा कि यह कोशिश तब तक जारी रहेगी कब तक कि व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए ज़रूरी सामान उन्हें मुहैया नहीं होता.

हालांकि, उन्होंने यह भी साफ़ किया कि पुलिस को फिलहाल कोरोना वायरस से सामान्य ड्यूटी करते हुए उन्हें किसी तरह का खतरा नहीं है, क्योंकि पुलिस के जवान किसी भी शख्स के सीधे संपर्क में नहीं आ रहे है. उन्होंने कहा कि जिन जवानों या अधिकारियों की ड्यूटी आइसोलेशन केन्द्रों में है वहां पुलिस सेहत और सुरक्षा के सारे प्रोटोकॉल का पालन कर रही है.

उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों को कांटेक्ट ट्रेस करने जाना है उनके लिए इंतज़ाम पूरे किये गए हैं, जिनको पहन कर के ऐसे जवान अपनी ड्यूटी दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस यह किट्स निजी कंपनियों से खरीदने की कोशिश भी कर रही है और आपातकाल के लिए जितने किट्स चाहिये वो पुलिस ने हासिल कर लिए है.

सोशल मीडिया पर लॉकडाउन के दौरान फैलाये जा रहे “फेक ऑर्डर्स” पर उन्होंने कहा कि पुलिस मौजूदा स्थिति का कुछ शरारती तत्व लाभ उठाने की फ़िराक में है. उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों में ऐसे दो ऑर्डर सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिनके ऊपर मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने कहा कि पुलिस इस कोशिश में लगी है कि यह फेक आर्डर कहां से और किसने अपलोड किए गए. जिन लोगों ने भी यह हरकत की है उन्हें बक्शा नहीं जायेगा. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगो को जल्द पकड़ा जायेगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी.

दिलबाग सिंह ने कहा कि जम्मू कश्मीर में पिछले कुछ दिनों में कोरोना वायरस के संक्रमित मरीज़ो के आंकड़े बड़े हैं लेकिन यह आंकड़े खतरनाक नहीं हैं. उन्होंने कहा कि यह खतरनाक इसलिए नहीं हैं क्योंकि जम्मू कश्मीर में कार्यवाही बड़ी सख्ती से हो रही है और अब लोग भी समर्थन कर रहे हैं. हालांकि उन्होंने कहा कि फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि प्रदेश के सारे संक्रमित लोग सामने आये है या नहीं. उन्होंने कहा कि पुलिस ने 1200 के आसपास ऐसे ट्रेवल हिस्ट्री वाले लोग या उनके संपर्क में आये लोगों का पता लगा लिया है.

जम्मू कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि प्रदेश की पुलिस की अफसर और जवान हर स्थिति का सामना करने में सक्षम है. लेकिन, उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ जारी इस जंग में दुश्मन दिख नहीं रहा है और वो छिपा हुआ है जिसके उनतक पहुंचने के कई ज़रिये है. साथ ही उन्होंने कहा कि पुलिस की मजबूरी है कि वो अपने आप को बंद नहीं कर सकते और उनके कांधे पर ऐसी ज़िम्मेवारी है, जिन्हें वो घर बैठ कर निभा नहीं सकते हैं.

उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर पुलिस कोशिश कर रही है कि सड़को पर उतनी ही तैनाती की जाए जितनी ज़रूरी है और बाकियो को बैरक्स में रखा जाए. इसके साथ ही पुलिस फॉर्स की रहने और काम करने की जगहों को सैनिटाइज़ करने के सारे प्रबंध पूरे किए गए हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए क्वारंटाइन केंद्र स्थापित किए हैं.