कोर्ट के आदेश के बावजूद सेना डिपो के पास निर्मल सिंह के परिवार ने जारी रखा निर्माण

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता निर्मल सिंह के परिवार की ओर से शहर के बाहरी इलाके में सेना के एक डिपो के पास एक इमारत का निर्माण किया जा रहा है, जो लगभग पूरा होने वाला है। अधिकारियों ने बताया कि यह निर्माण जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट के निर्देश के बाद भी जारी है, जिसमें पिछले साल विवादित स्थल पर यथास्थिति बरकरार रखने को कहा गया था।

निर्मल सिंह के वकील आर के गुप्ता ने कहा कि इलाके के किसी निवासी की ओर से किए जाने वाले निर्माण पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। उन्होंने कहा, ‘अदालत ने बस इतना निर्देश दिया था कि 2015 में जारी अधिसूचना को लागू करना कानून और अधिनियम के अनुरूप है।’ साथ ही उन्होंने कहा कि अधिसूचना प्रावधानों के लिहाज से वैध नहीं है और इसको लागू नहीं किया जा सकता।

हाई कोर्ट ने सेना की ओर से दायर याचिका के अंतिम निपटारे तक यथास्थिति बरकरार रखने का पिछले साल 7 मई को आदेश दिया था। सेना ने दावा किया था कि इमारत नियमों का उल्लंघन करके बनाई जा रही है। हाई कोर्ट ने अवमानना याचिका पर सुनवाई करने के दौरान राज्य के विभिन्न विभागों को उनका जवाब दायर करने को कहा था और राज्य अधिकारियों को निर्देश दिया था कि अगस्त 2015 का आदेश कानून/ नियमों के सभी प्रावधानों के साथ सख्ती से लागू हो और इलाके में कोई भी गैरकानूनी/ अस्वीकृत गतिविधि की इजाजत न दी जाए।

हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि आदेश के बावजूद बनगांव में एक भव्य इमारत लगभग पूरी होने वाली है। इमारत के अस्त्र-शस्त्र वाले डिपो के करीब पड़ने के मद्देनजर सुरक्षा चिंताओं को उठाते हुए केंद्र ने हाई कोर्ट के समक्ष दो याचिकाएं दायर की थीं लेकिन एक साल बाद भी सही ढंग से सुनवाई होने का इंतजार कर रहे हैं।

यह निर्माण कार्य डिपो की सीमा से करीब 531 मीटर की दूरी पर है जबकि रक्षा कार्य अधिनियम 1903 के मुताबिक सैन्य कार्य के संबंध में इस्तेमाल होने वाले किसी परिसर के 914 मीटर के दायरे में दूसरी कोई जमीन रखना या उस पर कार्य करना इस नियम का उल्लंघन है। निर्मल सिंह और उनके करीबियों से इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई क्योंकि उन्होंने फोन और संदेशों का जवाब नहीं दिया। निर्मल सिंह ने पहले दावा किया था कि यह उनके खिलाफ राजनीतिक षड्यंत्र है।