जम्मू-कश्मीर: डोडा में आतंकियों ने गौशाला और झोपड़ी में बनाया था अपना ठिकाना, हुआ भंडाफोड़

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सुरक्षा बलों ने शुक्रवार को आतंकी ठिकाना ध्वस्त कर भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद बरामद किया। यह ठिकाना एक गौशाला में बनाया गया था। अधिकारियों ने बताया कि डोडा-किश्तवाड़ पहाड़ी पर स्थित इस गौशाला और फूस की बनी झोपड़ी का इस्तेमाल आतंकवादी अपने ठिकाने के तौर पर कर रहे थे। सेना इन पहाड़ी इलाकों में ऊंचाई पर बने ढोक, घरों या ढांचों की जांच करेगी ताकि जम्मू संभाग से आतंकवाद को दोबारा जिंदा करने की कोशिश को नाकाम किया जा सके।

सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि चिल्ली बिल्ला इलाके में एक गोशाला में बने इस आतंकी ठिकाने और संदिग्ध आतंकवादियों की गतिविधियों के बारे में सूचना मिली थी। इसके बाद राष्ट्रीय राइफ ल्स ने पुलिस बल के साथ मिलकर वीरवार रात संयुक्त अभियान चलाया। शुक्रवार सुबह ढोक (मिट्टी और फूस की बनी झोपड़ी) गौशालाओं और घरों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

इस दौरान अब्बास अहमद की गौशाला से हथियारों और गोला बारूद का जखीरा बरामद हुआ। यहां से एके-47 के हिस्से और 12 बोर बंदूक के अलावा एके-47 की 64 गोलियां, एसएलआर की गोली, एक मोटोरोला रेडियो सेट और कुछ बैट्रियां बरामद की गईं। गंदोह पुलिस थाने में इस संबंध में मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है।

चिनाब वैली में आतंकवाद को जिंदा करने की कोशिश
चिनाब तथा पीर पंजाल के इलाके में दोबारा आतंकवाद को जिंदा करने की आतंकी संगठनों की ओर से कोशिश की जा रही है। संवेदनशील किश्तवाड़ जिले में पिछले साल आतंकियों ने परिहार बंधुओं की हत्या कर दी थी। इस साल अप्रैल में आरएसएस नेता तथा उसके अंगरक्षक की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। डीसी के पीएसओ का हथियार आतंकी छिन ले गए थे। किश्तवाड़ में कुछ दिन पहले आतंकियों के साथ मुठभेड़ में दो एसपीओ घायल हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने चिनाब क्षेत्र में एसओजी को आतंकियों का खात्मा करने के लिए लगा दिया। आईजी एमके सिन्हा ने किश्तवाड़ के दौरे के दौरान कहा था कि एसओजी को इलाके में सक्रिय किया गया है।