जम्मू-कश्मीर में लोकसभा चुनाव में भाजपा के लिए लाल सिंह बनेंगे चुनौती, डैमेज कंट्रोल में जुटी बीजेपी

भाजपा के पूर्व विधायक एवं मंत्री रहे चौधरी लाल सिंह ने अपनी ही पार्टी के केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के संसदीय क्षेत्र उधमपुर कठुआ डोडा सीट से चुनाव लड़ने का फैसला ले लिया है। उन्होंने डोगरा स्वाभिमान संगठन के झंडे तले चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया गया है। ऐसे में लोकसभा चुनाव में भाजपा की टक्कर इस बार अपने ही पूर्व विधायक से होना तय हो गया है।

पार्टी सूत्रों की माने तो प्रदेश भाजपा एवं जितेंद्र सिंह पूर्व मंत्री चौधरी लाल सिंह के चुनाव लड़ने के फैसले के बाद डैमेज कंट्रोल में जुटे हैं।  भाजपा लाल सिंह के विधानसभा क्षेत्र रहे बसोहली से सामाजिक व राजनीतिक नेताओं व कार्यकर्ताओं को भाजपा में शामिल करने में जुट गई है ताकि उनके असर को कम किया जा सके। हालांकि, यह सब इतना आसान नहीं है।

लाल सिंह उधमपुर-कठुआ-डोडा संसदीय क्षेत्र से दो बार सांसद रह चुके हैं। बसोहली विधानसभा क्षेत्र उनका सियासी गढ़ रहा है। ऐसे में उधमपुर-डोडा संसदीय क्षेत्र में भाजपा के वोट बैंक में सेंध लगने से किसी अन्य पार्टी के उम्मीदवार को भी लाभ हो सकता है। हालात को समझते हुए जितेंद्र सिंह ने अपने संसदीय क्षेत्र में प्रवास व दौरे बढ़ा दिए हैं।

“कठुआ-उधमपुर-डोडा लोकसभा क्षेत्र से चुनाव डोगरा स्वाभिमान संगठन के झंडे तले लड़ूंगा। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। जम्मू संभाग के हित व डोगरा स्वाभिमान को बनाए रखने के लिए लोगों की आकांक्षाओं के अनुसार फैसला लिया है। भाजपा ने जन आकांक्षाओं को पूरा नहीं किया।”-चौधरी लाल सिंह, पूर्व मंत्री भाजपा

“बसोहली विधानसभा क्षेत्र से कद्दावर नेता भाजपा में शामिल हो रहे हैं। चौधरी लाल सिंह को साफ संदेश दे दिया गया है। भाजपा जन समर्थन से कामयाब होगी।”-रवींद्र रैना, प्रदेशाध्यक्ष भाजपा

 

“चौधरी लाल सिंह के डोडा-उधमपुर संसदीय सीट से चुनाव लड़ने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। चुनाव लड़ने के लिए कई लोग उम्मीदवार के रूप में उतरते हैं। ऐसे में उनके लिए यह कोई सवाल या मुद्दा नहीं है कि उनके सामने उम्मीदवार चौधरी लाल सिंह होंगे। चुनाव में कई नए चेहरे सामने आते हैं, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है।”-डॉ. जितेंद्र सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री

 

‘जय हिंद’ का किसी धर्म विशेष से जुड़ाव नहीं: जितेंद्र
पीएमओ में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने महबूबा मुफ्ती को ‘जय हिंद’ कहने में दिक्कत के सवाल पर कहा कि यह उनकी सोच है। ‘जय हिंद’ किसी भी धर्म विशेष का नहीं है। आजाद हिंद फौज का जब गठन हुआ तो उसमें अलग-अलग धर्मों के सैनिक जय हिंद कहते रहे। कांग्रेस की दिग्गज नेता इंदिरा गांधी अपने हर भाषण का अंत तीन बार जय हिंद कहकर करती थीं। अगर महबूबा को जय हिंद किसी धर्म विशेष का लगता है तो फिर उनके अध्ययन में कमी है।