PoK से आए शरणार्थी और BJP नेताओं से होगी विदेशी राजनयिकों की मुलाकात

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद विदेशी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल दूसरी बार राज्य के दौरे पर है. अपने दौरे के दूसरे दिन अमेरिकी राजदूत केनिथ जस्टर और अन्य विदेशी राजनयिक आज जम्मू में स्थानीय लोगों से मुलाकात करेंगे. इस दौरान पाकिस्तान से आए हुए शरणार्थी, राजनेताओं से मुलाकात भी शामिल है.

गुरुवार को 15 देशों के दर्जनभर से अधिक राजनयिक जम्मू-कश्मीर पहुंचे थे, जहां पर उन्होंने स्थानीय लोगों और अधिकारियों से मुलाकात की थी. अब अपने दौरे के दूसरे दिन ये राजनयिक जम्मू क्षेत्र में पहुंचे हैं.

दूसरे दिन क्या करेंगे विदेशी राजनयिक?

  1. पाकिस्तान से आए शरणार्थियों से मुलाकात: 1947 के बाद ये लोग पाकिस्तान से वापस भारत आ गए थे, पहले इन्हें राज्य में अधिकार नहीं थे. लेकिन अनुच्छेद 370 हटने के बाद अधिकार मिले हैं.
  2. पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से आए हुए विस्थापितों से मुलाकात
  3. छंब के शरणार्थियों से मुलाकात, 1965-1971 की जंग के बाद विस्थापित हुए लोग
  4. स्थानीय गुर्जर और बकरवाल समुदाय से मुलाकात
  5. जम्मू-कश्मीर पहाड़ी मूवमेंट टीम से मुलाकात
  6. जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन से मुलाकात
  7. जम्मू-कश्मीर पब्लिक फोरम से मुलाकात
  8. बीजेपी नेताओं से मुलाकात

बीजेपी नेता उठाएंगे आतंकवाद का मुद्दा

जम्मू-कश्मीर बीजेपी के नेता अशोक कौल और रविंदर रैना भी आज जम्मू में विदेशी राजनयिकों से मुलाकात करेंगे. रविंदर रैना का कहना है कि विदेशी राजनयिकों के सामने प्रायोजित आतंकवाद का मुद्दा उठाएंगे, साथ ही पाकिस्तान के द्वारा जम्मू-कश्मीर में जो मुश्किलें पैदा की जा रही हैं उनके मुद्दे को उठाया जाएगा.

गुरुवार को सेना से ली थी जानकारी

कश्मीर घाटी में जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए गुरुवार को विदेशी राजनयिकों का एक प्रतिनिधिमंडल श्रीनगर पहुंचा. यहां इन सदस्यों को हवाई अड्डे से श्रीनगर में सेना के 15 कोर मुख्यालय में ले जाया गया, जहां उन्हें सेना के शीर्ष कमांडरों द्वारा कश्मीर में सुरक्षा स्थिति के बारे में जानकारी दी गई.

बता दें कि पांच अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद कश्मीर का दौरा करने वाला यह दूसरा विदेशी प्रतिनिधिमंडल है. इससे पहले अक्टूबर 2019 में एक यूरोपीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल कश्मीर आया था, लेकिन तब सवाल उठाए गए थे कि जब भारतीय सांसदों के प्रतिनिधिमंडल को घाटी की यात्रा की अनुमति नहीं दी गई तो फिर विदेशी लोगों के दौरा करने का क्या मतलब बनता है.