अनुच्छेद 370 के प्रावधान निरस्त होने के बाद जम्मू कश्मीर का भविष्य उज्जवल: रिजिजू

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को कहा कि अनुच्छेद 370 जम्मू कश्मीर के विकास में सबसे बड़ा रोड़ा था। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश का भविष्य उज्जवल है और जम्मू कश्मीर के युवा अब आकाश छूने का सपना देख सकते हैं। केंद्र सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर के सर्वांगीण विकास के लिए नीतियों और कार्यक्रमों के लागू होने की सूचनाओं के प्रचार एवं प्रसार के उद्देश्य से वृहद् स्तर पर चलाए जा रहे अभियान के चौथे दिन मंगलवार को जम्मू पहुंचे रिजिजू लगभग एक दर्जन केंद्रीय मंत्रियों के दल में शामिल हैं। युवा कार्यक्रम और खेल राज्यमंत्री रिजिजू ने कहा, “हम यहां युवाओं के सपनों की उड़ान को पंख प्रदान करने के लिए आए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार इस क्षेत्र को उन्नति और विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।” एक इनडोर स्टेडियम का यहां लोकार्पण करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए रिजिजू ने कहा कि अनुच्छेद 370 के प्रावधान निरस्त किए जाने के बाद विकास कार्यों की गति में तीन से चार गुना तक वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा, “जम्मू कश्मीर का भविष्य उज्जवल है और युवा पीढ़ी भाग्यशाली है और अब वह आकाश छूने के सपने देख सकती है।” रिजिजू ने कहा कि अनुच्छेद 370 जम्मू कश्मीर के विकास में सबसे बड़ा रोड़ा था और दीवार की तरह खड़ा था। उन्होंने कहा, “उसके (अनुच्छेद 370 के प्रावधान) निरस्त होने के बाद विकास कार्यों की गति तीन से चार गुना बढ़ गई है। यदि इसी तरह विकास होता रहा तो मुझे विश्वास है कि निकट भविष्य में जम्मू कश्मीर देश का सबसे विकसित क्षेत्र होगा।” रिजिजू ने कहा कि वह केंद्र शासित प्रदेश में दो दिवसीय दौरे पर यह देखने आए हैं कि उनका मंत्रालय विकास कार्यों में क्या योगदान दे सकता है। उन्होंने क्षेत्र में और अधिक इनडोर स्टेडियम के निर्माण का आश्वासन दिया और कहा, “हम स्थानीय खिलाड़ियों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे और उन्हें चैंपियन बनाने में सहायता करेंगे।” रिजिजू ने कहा कि उनके गृह राज्यमंत्री के कार्यकाल के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूर्ववर्ती जम्मू कश्मीर राज्य को सर्वाधिक फंड दिया गया। उन्होंने कहा, “जम्मू कश्मीर को इतना फंड मिला जितना देश के किसी अन्य राज्य को कभी नहीं दिया गया। पूर्ववर्ती राज्य में (जून 2018 में) राज्यपाल शासन लगने के बाद विकास आधारित गतिविधियों को गति मिली।”