वैष्णो देवी में इस्तेमाल होने वाले फूलों की बनेगी अगरबत्ती, सीएसआईआर-सीआईएमएपी करेगा उत्पादन

वैष्णो देवी भवन व अन्य क्षेत्र में इस्तेमाल होने के बाद व्यर्थ हुए फूलों की अगरबत्ती बनाई जाएगी। इसमें मंदिरों से फूलों को एकत्रित कर उनकी पंखुड़ियों को अलग करके धोने, सुखाने, पीसने के बाद अगरबत्ती बनाने पर काम किया जाएगा।इसके लिए काउंसिल आफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (सीएसआईआर) और सेंट्रल इंस्टीट्यूट आफ मेडिसिनल एंड एरोमेटिक प्लांट्स (सीआईएमएपी), लखनऊ से परामर्श और तकनीकी मदद ली जाएगी। इसके लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने सीएसआईआर-सीआईएमएपी के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इसमें छोटे ढांचे को विकसित करके अगरबत्तियों का उत्पादन किया जाएगा। .

सीएसआईआर-सीआईएमएपी, बोर्ड को इस्तेमाल हुए फूलों से अगरबत्तियां बनाने के लिए सहयोग प्रदान करेगा। इस प्रक्रिया से पर्यावरण मैत्री माहौल तैयार किया जाएगा। संस्थान की विशेषज्ञों की टीम ने श्राइन क्षेत्र में बेहतर और खुशनुमा माहौल बनाने के लिए ट्रैक के साथ खुशबूदार, सजावटी फूलों के पौधे लगाने का सुझाव दिया। इसके लिए विशेष पौधों का चयन किया जाएगा।