J&K में बनेगी इन्कम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल की नई बेंच, लोगों को नहीं लगाना पड़ेगा 400 km का चक्कर

अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाए जाने के बाद जम्मू कश्मीर (Jammu And Kashmir) में इनकम टैक्स (Income Tax) से जुड़े न्यायिक मामलों के निपटारे के लिए इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (income tax appellate tribunal) की नई बेंच बनाई जाएगी. पहली बार श्रीनगर (Srinagar) और जम्मू में ऐसी ट्रिब्यूनल की बेंच बनेगी. अब तक इस रीजन से जुड़े मामलों का निपटारा इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल की अमृतसर बेंच करती थी. जस्टिस ऐट डोर स्टेप प्लान के तहत सरकार जल्द ही इसकी घोषणा करेगी. जम्मू कश्मीर रीजन के 235 मामले इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल में लंबित हैं जिनकी सुनवाई इसकी अमृतसर बेंच में होती है.

जम्मू और श्रीनगर के लोगों को 400 से भी ज्यादा किमी का सफर तय कर कर अपने मामले की सुनवाई के लिए अमृतसर जाना पड़ता था. लेकिन अब इस बेंच के बनने से उनकी यह दिक्कत दूर हो जाएगी. ट्रिब्यूनल की इस बेंच को बनाने के लिए सरकार पिछले कई महीनों से काम कर रही थी, जिसमें गृह मंत्रालय, कानून मंत्रालय, लोक निर्माण विभाग व इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल जैसी संस्था से सुझाव मांगे गए थे. एक लंबे मशवरे के बाद अब इस नई बेंच को खोलने का फैसला किया है.

इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल के चेयरमैन जस्टिस पीपी भट्ट ने न्यूज18 इंडिया से एक्सक्लूसिव बात की, जिसमें उनका कहना था कि “काफी समय से इस योजना पर काम चल रहा था. हमने इस पर नोट बनाकर अलग अलग मंत्रालय को दिया था, जिसके बाद इस नई बेंच को बनाने पर सहमति बनी.” यह बेंच तीन-तीन महीने के अंतराल पर जम्मू और श्रीनगर दोनों जगह बैठेगी. इसके बैठने की अवधि होगी 10 से 15 दिन. फिलहाल यह सर्किट कोर्ट या कैंप कोर्ट होगी, जिसके बाद परमानेंट बेंच बनाने पर विचार किया जाएग. इस बेंच में एक सीए होगा और एक जुडिशल मेंबर.

आईटीएटी देश का पहला ट्रिब्यूनल है, जो कि 1941 में बना. इसी के बाद देश के अन्य ट्रिब्यूनल बने. इसमें वकील और सीए होते हैं. ये इनकम टैक्स से जुड़े विवादों का निपटारा करता है. फिलहाल 89000 अपील आईटीएटी में लंबित हैं. फिलहाल देश भर में आईटीएटी की कुल 28 बेंच हैं. हर साल इन बेंचों में 40 हजार से ज्यादा नए मामले आते हैं.