भारत की जवाबी कार्रवाई से डरा पाकिस्तान, चक्कां दा बाग में ब्रिगेड कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग

जम्मू-कश्मीर के पुंछ में शुक्रवार को भारत-पाकिस्तानी सेना के बीच चक्कां दा बाग की पुंछ रावलाकोट राहें मिलन पर ब्रिगेड कमांडर स्तर के अधिकारियों की फ्लैग मिटिंग आयोजित की गई। जिसमें दोनों तरफ से नियंत्रण रेखा पर संयम बरतते हुए शांती बनाए रखने और दोनों देशों के बीच 2003 में हुए युद्धविराम के समझौते का निष्ठा से पालन करने पर आपस में रजामंदी करने के साथ अन्य कई विषय पर बातचीत हुई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह 11बजे पुंछ जिला मुख्यालय से दस किलोमीटर की दूरी पर भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर चक्कां दा बाग की राहें मिलन पर ब्रिगेड कमांडर स्तर की फ्लैग मिटिंग का आयोजन किया गया। जिसमें भारत की तरफ से ब्रिगेड कमांडर वी एस सेखों की अगुवाई में सैन्य अधिकारियों का एक दल पुंछ रावलाकोट राहें मिलन के गेट पर पहुंचा। जबकि उस पार से पाकिस्तानी सेना के ब्रिगेडियर कैयसर भी अन्य सैन्य अधिकारियों के साथ पहुंचे। जहां दोनों ने आपस में हाथ मिलाया। जिसके उपरान्त दोनों तरफ के अधिकारियों के बीच बैठक शुरू हुई।

करीब चालिस मिनट तक चली इस बैठक में नियंत्रण रेखा पर शांती बनाए रखने, युद्धविराम समझौते का पालन करने, उस पार से आतंकियों की घुसपैठ रोकने सहित कई मुददों पर बातचीत हुई। वर्ष 2003 में दोनों सेनाओं के बीच हुए युद्धविराम समझौते का पालन करने और 29 मई 2018 को भारत पाकिस्तान के बीच हुई डीजीएमओ स्तर की बैठक में हुई बातचीत को आगे बढ़ाते हुए नियंत्रण रेखा पर सामान्य माहौल बनाने पर रजामंदी हुई।

अब यह देखना है कि आज की इस बैठक का पाकिस्तान की तरफ से कहां तक पालन किया जाता है। क्योंकि अभी तक इतिहास इस बात का गवाह है कि जब-जब नियंत्रण रेखा पर फलैग मिंटग हुई है उसके उपरान्त पाकिस्तान की तरफ से किसी बड़ी नापाक हरकत जैसे बैट हमले अथवा बड़े स्तर पर गोलाबारी या फिर आतंकियों की बड़ी घुसपैठ के प्रयास को अंजाम दिया गया है। गौरतलब है कि 20 नवंबर को पाकिस्तानी सेना द्वारा पुंछ नगर स्थित सेना की ब्रिगेड पर दो गोले दागे जाने के बाद भारतीय सेना द्वारा की गई जबरदस्त जवाबी कार्रवाई के बाद पाकिस्तानी सेना की यह मजबूरी बन गई थी कि वह फ्लैग मिटिंग कर भारतीय सेना से नियंत्रण रेखा पर शांती बनाने के लिए बात कर लेकिन इस बात का पता अगले कुछ दिनों में ही चल पाएगा कि इस फ्लैग मीटिंग का कितना असर हुआ है।